Rajiv Gandhi Jayanti: राजीव गांधी की जयंती पर ही क्यों मनाया जाता है सद्भावना दिवस? जानिए क्या है खास वजह

हर साल 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर सद्भावना दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। 1992 से यह दिन राष्ट्रीय दिवस के रूप में सूचीबद्ध है और इस मौके पर सद्भावना प्रतिज्ञा भी दिलाई जाती है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 August 2026, 11:46 AM IST
google-preferred

New Delhi: हर साल 20 अगस्त को देश में सद्भावना दिवस मनाया जाता है। यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सद्भावना दिवस को 1992 से राष्ट्रीय दिवस के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

क्या है सद्भावना दिवस का उद्देश्य?

सद्भावना दिवस का मूल संदेश समाज में शांति, एकता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है। सरकारी दस्तावेजों में इसके उद्देश्य के तौर पर सभी धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों के बीच राष्ट्रीय एकीकरण और सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने की बात कही गई है। इस दिन हिंसा से दूर रहने और लोगों के बीच सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया जाता है।

20 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है?

20 अगस्त का दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती है। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। उनकी जयंती को सद्भावना दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाना है।

इस अवसर पर सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में सद्भावना प्रतिज्ञा भी दिलाई जाती है। प्रतिज्ञा में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव से ऊपर उठकर देशवासियों के बीच भावनात्मक एकता और सामंजस्य बनाए रखने की बात कही जाती है।

सद्भावना दिवस पर क्या होता है?

सद्भावना दिवस के मौके पर सरकारी संस्थानों और अन्य संगठनों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ सद्भावना प्रतिज्ञा दिलाई जाती है। इसका उद्देश्य लोगों को सामाजिक एकता, भाईचारे और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक करना है।

Lucknow: हाथी दांत की तस्करी का भंडाफोड़; DRI के सीक्रेट ऑपरेशन में 4 तस्कर गिरफ्तार, करोड़ों की 54 कलाकृतियां बरामद

मतभेद हों तो हिंसा नहीं, संवाद का रास्ता

सद्भावना दिवस का संदेश केवल एक दिन तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य समाज में अलग-अलग विचारों और पृष्ठभूमि वाले लोगों के बीच सम्मान और संवाद की भावना को बढ़ावा देना है।

इस दिन की प्रतिज्ञा में मतभेदों को हिंसा के बजाय बातचीत और संवैधानिक तरीकों से सुलझाने की भावना पर जोर दिया जाता है।

आज भी क्यों महत्वपूर्ण है सद्भावना दिवस?

भारत जैसे विविधता वाले देश में अलग-अलग धर्म, भाषा, संस्कृति और क्षेत्र के लोग रहते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश आज भी महत्वपूर्ण है। सद्भावना दिवस लोगों को याद दिलाता है कि मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान, भाईचारे और शांति के साथ आगे बढ़ना ही मजबूत समाज की पहचान है।

Location :  New Delhi

Published :  20 August 2026, 11:46 AM IST

Advertisement