पाकिस्तान वाले दे रहे धमकी, लेकिन खुद मर रहे भूखे, बलूचिस्तान से PoJK तक बढ़ा संकट

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को चेतावनी दी है, लेकिन खुद पाकिस्तान कई अंदरूनी संकटों से जूझ रहा है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और PoJK में बढ़ते विरोध ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 14 August 2026, 3:39 PM IST
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New Delhi : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को पानी के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है, लेकिन दूसरी तरफ उनका देश कई अंदरूनी संकटों से जूझ रहा है। सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर निशाना साधने वाले शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के पानी की "हर बूंद" उसके लिए रेड लाइन है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, भारत के साथ तनाव बढ़ाने वाले इन बयानों के बीच पाकिस्तान के सामने आतंकवाद, क्षेत्रीय असंतोष, राजनीतिक संकट और मानवाधिकारों से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े हैं।

सिंधु जल संधि को लेकर भारत-पाकिस्तान में तनाव

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए भारत से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा। शरीफ ने आरोप लगाया कि भारत ने संधि को एकतरफा और गैरकानूनी तरीके से रोका है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो इसका जवाब दिया जाएगा। वहीं, भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला किया था। भारत का कहना है कि जिस परिस्थिति में यह समझौता हुआ था, वह अब बदल चुकी है और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को ठोस कदम उठाने होंगे।

बलूचिस्तान में बढ़ता असंतोष, स्वतंत्रता दिवस पर 'ब्लैक डे' की अपील

भारत के खिलाफ सख्त बयान देने के साथ ही पाकिस्तान को अपने ही क्षेत्रों में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बलूचिस्तान में राष्ट्रवादी संगठनों ने 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के बजाय "काला दिवस" के रूप में मनाने की अपील की है। बलूच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस्लामाबाद क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई और दमन कर रहा है। कई नेताओं ने लोगों से काले झंडे और काली पट्टी पहनकर विरोध जताने की अपील की है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सुराब इलाके में कथित सैन्य कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि इन घटनाओं में आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। हालांकि, इन दावों को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।

खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी हमलों से बढ़ी चिंता

पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति भी लगातार चुनौती बनी हुई है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्वात क्षेत्र में काबल पुलिस स्टेशन के पास हुए आत्मघाती हमले में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। मृतकों में पुलिसकर्मियों के शामिल होने की बात कही गई है। आतंकी घटनाओं के बढ़ने से पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।

PoJK में भी उठ रही विरोध की आवाज

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में भी राजनीतिक असंतोष लगातार जारी है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक अधिकारों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया, इंटरनेट बंद करने और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन ने सुरक्षा बलों पर बल प्रयोग के आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हालात पर नजर रखने की अपील की है। भारत ने भी PoJK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि लोगों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है।

कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा पाकिस्तान

एक तरफ शहबाज शरीफ सरकार भारत के साथ पानी के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपना रही है, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर कई चुनौतियां खड़ी हैं। बलूचिस्तान का असंतोष, खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद, PoJK में विरोध और राजनीतिक तनाव ने पाकिस्तान सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में भारत को दी जा रही चेतावनियों के बीच पाकिस्तान के सामने अपने अंदरूनी हालात को संभालना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Location :  New Delhi

Published :  14 August 2026, 3:39 PM IST

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