फारस की खाड़ी से अमेरिका का पत्ता साफ, ईरान का दावा- ‘अब कभी वापस नहीं लौटेगी अमेरिकी सेना’

ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका अब फारस की खाड़ी में कभी वापस नहीं आएगा। उन्होंने पड़ोसी देशों को आपसी मतभेद खुद सुलझाने की सलाह दी है, जिससे मध्य पूर्व में हड़कंप मच गया है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 September 2026, 8:15 AM IST
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Tehran: फारस की खाड़ी और मध्य पूर्व के समुद्री मार्गों पर लंबे समय से जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सैन्य सलाहकार, याह्या रहीम सफवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब अमेरिकी सेना फारस की खाड़ी में कभी वापसी नहीं कर पाएगी। इस बयान ने खाड़ी के देशों के सुरक्षा समीकरणों को पूरी तरह हिला कर रख दिया है।

पड़ोसी देशों को नसीहत: 'आपस में सुलझाएं अपने विवाद'

याह्या रहीम सफवी ने क्षेत्र के पड़ोसी मुल्कों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस नई हकीकत को स्वीकार कर लें। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों पर निर्भर रहने के बजाय खाड़ी देशों को अपने क्षेत्रीय विवाद आपस में बातचीत के जरिए सुलझाने चाहिए। सफवी का मानना है कि इस इलाके के देश सदियों से एक-साथ रहते आए हैं और आगे भी शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है।

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'अरब सागर से भी उखड़ेंगे दुश्मन के पैर'

वहीं, मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका का नाम लिए बिना समुद्री मोर्चे पर ईरान की बढ़ती ताकत का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि आज दुश्मन की नौसेना में इतनी हिम्मत नहीं बची कि वह अरब सागर से आगे बढ़ सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही वह दिन भी आएगा जब अरब सागर से भी पश्चिमी ताकतों की मौजूदगी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और समुद्री सीमाओं पर ईरान के जाबांज रक्षकों का पूर्ण वर्चस्व होगा।

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय तनाव

ईरान का यह आक्रामक रुख ऐसे समय में सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम को लेकर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीधा टकराव चल रहा है। अमेरिका द्वारा इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने से जुड़े ईरानी प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और तीखी हो गई है। ईरान का दावा है कि उसकी रक्षा पंक्तियों के डर से दुश्मन की जहाजी बेड़े अब सतर्क रुख अपना रहे हैं।

Location :  Tehran

Published :  29 September 2026, 8:15 AM IST

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