Ink Controversy: ‘जनता को सिर्फ भ्रमित कर रहा है चुनाव आयोग’- स्याही विवाद पर राहुल गांधी का तीखा हमला

हाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के दौरान सामने आए स्याही विवाद को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आयोग पर नागरिकों को “गैसलाइट” यानी भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र में जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 16 January 2026, 2:06 PM IST
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New Delhi: महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के दौरान सामने आए स्याही विवाद को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आयोग पर नागरिकों को “गैसलाइट” यानी भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र में जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है। इसी के साथ उन्होंने एक बार फिर चुनावों में “वोट चोरी” का आरोप भी दोहराया।

चुनाव आयोग पर राहुल गांधी का हमला

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “चुनाव आयोग द्वारा नागरिकों को गैसलाइट करना यही दिखाता है कि हमारे लोकतंत्र में भरोसा कैसे खत्म हो गया है। वोट चोरी एक राष्ट्रविरोधी कृत्य है।” उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक समाचार कटिंग भी साझा की, जिसमें मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली अमिट स्याही के जल्दी मिटने को लेकर उठे सवालों का जिक्र था।

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बीएमसी चुनाव में स्याही को लेकर उठा विवाद

बीएमसी चुनाव के मतदान के बाद मतदाताओं और विपक्षी दलों ने शिकायत की थी कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगाया गया स्याही का निशान आसानी से मिट रहा है। इस पर आशंका जताई गई कि इससे दोबारा मतदान की संभावना बन सकती है। खबरों के अनुसार, इस मुद्दे पर चुनाव आयोग ने जांच कराने की बात कही है।

राज्य चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने स्याही विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि उंगली की स्याही को जानबूझकर मिटाने की कोशिश करना गड़बड़ी की श्रेणी में आता है। यदि कोई व्यक्ति स्याही मिटाकर दोबारा मतदान करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाताओं का रिकॉर्ड पहले से दर्ज होता है, इसलिए केवल स्याही मिटाने से दोबारा मतदान संभव नहीं है।

 

मार्कर पेन पर लगी रोक

चुनाव आयोग ने इस विवाद के बाद बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब जिला परिषद चुनावों में स्याही के लिए मार्कर पेन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। आयोग ने पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए हैं। यह फैसला बीएमसी चुनाव के दौरान सामने आई शिकायतों के बाद लिया गया है।

सबसे पहले एमएनएस उम्मीदवार ने उठाया मुद्दा

इस विवाद को सबसे पहले कल्याण से एमएनएस उम्मीदवार उर्मिला तांबे ने उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अमिट स्याही के नाम पर हो रही लापरवाही सत्ताधारी दल की मदद कर सकती है। इसके बाद विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।

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जारी है सियासी घमासान

महाराष्ट्र के निकाय चुनावों की मतगणना अभी जारी है और शुरुआती रुझानों में बीजेपी की मजबूत बढ़त के बीच राहुल गांधी के आरोपों ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। स्याही विवाद को लेकर चुनाव आयोग की जांच और आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 16 January 2026, 2:06 PM IST

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