India–EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई कौन-सी डील, किन सेक्टरों को होगा फायदा?

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने India–EU FTA भारत की व्यापार नीति की ऐतिहासिक बाताया है। इससे भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात को यूरोपीय संघ में रियायती शुल्क पर बाजार पहुंच मिलेगी, जिससे श्रम-प्रधान उद्योगों, निर्यात और ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इस पूरी रिपोर्ट में पढ़िये किन-किन सेक्टरों को बड़ा फायदा मिलेगा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 January 2026, 6:03 PM IST
google-preferred

New Delhi: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (India–EU Free Trade Agreement) देश की वैश्विक व्यापार नीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत के लिए बड़े आर्थिक अवसर खोलने वाला करार बताया है।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच कौन-सी डील हुई है?

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ है, जिसके तहत दोनों पक्षों के बीच व्यापार को आसान बनाया जाएगा। इस समझौते का मकसद आयात-निर्यात पर शुल्क कम करना, बाजार पहुंच बढ़ाना और निवेश को प्रोत्साहित करना है।

DN Exclusive: अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली DM के खिलाफ क्यों खोला मोर्चा? ‘पागल पंडित’ विवाद से माघ मेला तक पूरा मामला समझिए

डील का नाम क्या है?

इस समझौते को आधिकारिक रूप से India–EU Free Trade Agreement (India–EU FTA) कहा गया है।

कब और कैसे हुआ समझौता?

भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को FTA वार्ता के समापन की औपचारिक घोषणा की। इसके साथ ही वर्षों से चली आ रही बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हुई।

इस डील में कौन-कौन शामिल रहा?

इस ऐतिहासिक समझौते के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोंडरलेयेन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का अहम नेतृत्व रहा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत और यूरोप के बीच अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया।

भारत को क्या सीधा फायदा मिलेगा?

पीयूष गोयल के अनुसार, इस समझौते से भारत को यूरोपीय संघ के बाजार में मूल्य के हिसाब से 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर रियायती शुल्क पर बाजार पहुंच मिलेगी। इससे भारत के निर्यात को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान मजबूत होगा।

20 हजार अरब डॉलर के बाजार का रास्ता खुला

इस FTA के जरिए भारत के लिए 20 हजार अरब डॉलर के यूरोपीय संघ बाजार के द्वार खुलेंगे। यह बाजार दुनिया के सबसे बड़े और उच्च क्रय-शक्ति वाले बाजारों में से एक है, जिससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ने की उम्मीद है।

किन सेक्टरों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

इस डील का असर कई सेक्टरों पर पड़ेगा, जिनमें शामिल हैं  श्रम-प्रधान उद्योग, MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग), टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और मत्स्य पालन, सेवा क्षेत्र और आईटी और कुशल पेशेवर और स्टूडेंट मोबिलिटी, किसान, कारीगर, श्रमिक, महिलाएं, युवा और निर्यातकों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

UGC Act पर सियासी संग्राम: रायबरेली में भाजपा नेताओं ने सवर्ण सांसद-विधायकों को भेजीं चूड़ियां

संवेदनशील क्षेत्रों को कैसे सुरक्षित रखा गया?

सरकार के मुताबिक, समझौते के दौरान संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। उच्च मूल्य वाले यूरोपीय बाजार तक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका और घरेलू उद्योगों को नुकसान से बचाया गया है।

सेवा क्षेत्र और पेशेवरों के लिए क्यों अहम है यह डील?

India–EU FTA में एक भविष्य के लिए तैयार गतिशीलता ढांचा शामिल किया गया है, जिससे भारतीय सेवा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप में रोजगार और अवसरों का विस्तार होगा।

क्यों कहा जा रहा है इसे भविष्य की नींव?

पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के लिए उच्च-मूल्य वाली नौकरियों, नवाचार और सतत आर्थिक विकास का रास्ता खोलता है। इससे भारत वैश्विक प्रतिभा और निवेश का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। India–EU FTA भारत और यूरोपीय संघ दोनों के लिए विन-विन डील है, जो आने वाले वर्षों में व्यापार, रोजगार और आर्थिक सहयोग की दिशा बदल सकती है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 27 January 2026, 6:03 PM IST

Advertisement
Advertisement