DN Exclusive: अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली DM के खिलाफ क्यों खोला मोर्चा? ‘पागल पंडित’ विवाद से माघ मेला तक पूरा मामला समझिए

निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने ‘पागल पंडित’ कहे जाने के आरोप, नए UGC नियमों के विरोध और प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के शिष्यों से कथित बदसलूकी के खिलाफ बरेली DM से जवाब मांगते हुए कलेक्ट्रेट पर धरना शुरू किया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 January 2026, 4:45 PM IST
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Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली में निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का विरोध अब खुलकर सड़क पर आ गया है। कलेक्ट्रेट गेट पर धरना, प्रशासन पर गंभीर आरोप और ‘पागल पंडित’ टिप्पणी को लेकर जिलाधिकारी से सीधा सवाल यह मामला सिर्फ एक अधिकारी के निलंबन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें नए UGC नियम, माघ मेले में शंकराचार्य से जुड़ा विवाद और प्रशासनिक टकराव भी जुड़ गया है।

कौन हैं Alankar Agnihotri?

अलंकार अग्निहोत्री उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा (PCS) के अधिकारी हैं और हाल तक बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे। वे खुद को वैचारिक रूप से मुखर बताते हैं और सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने के लिए जाने जाते हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद उन्हें निलंबित कर शामली से अटैच कर दिया गया है।

Alankar Agnihotri ने क्यों खोला मोर्चा?

अग्निहोत्री का आरोप है कि बरेली में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान जिलाधिकारी को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का फोन आया, जिसमें उनके लिए ‘पागल पंडित’ जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उनका सवाल है “वह फोन किसका था और डीएम किसके आदेश पर काम कर रहे थे?” इसी सवाल को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना शुरू कर दिया।

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क्या अल्टीमेटम दिया है?

Agnihotri ने साफ कहा है कि “जब तक डीएम सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताते कि वह फोन किसका था, मैं यहां से नहीं हटूंगा।” यानी उनका अल्टीमेटम स्पष्ट है नाम सार्वजनिक हो, तभी धरना खत्म होगा।

बरेली में आंदोलन क्यों?

धरने से पहले Agnihotri के सरकारी आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। गेट बंद कर दिए गए थे। उन्होंने इसे ‘हाउस अरेस्ट’ बताया। इसके बावजूद वे समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्हें पुलिस ने गेट पर रोक लिया।

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इस्तीफा क्यों दिया?

Alankar Agnihotri का दावा है कि उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया था, ऐसे में निलंबन का कोई औचित्य नहीं बनता। उनका कहना है “जब मैंने इस्तीफा दे दिया, तो फिर निलंबन कैसा?”

नए UGC नियमों से क्या है विवाद?

Agnihotri नए UGC नियमों का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ये नियम सवर्ण समाज के खिलाफ ‘काला कानून’ हैं और शैक्षणिक संतुलन को बिगाड़ते हैं। वे इस मुद्दे पर खुलकर सरकार और सिस्टम से टकराते रहे हैं।

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य विवाद क्या है?

Alankar Agnihotri का गुस्सा सिर्फ प्रशासनिक अपमान तक सीमित नहीं है। वे प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी को भी मुद्दा बना रहे हैं।

माघ मेले में क्या हुआ था?

आरोप है कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ प्रशासनिक स्तर पर असभ्य व्यवहार किया गया, जिसे सनातन परंपरा का अपमान बताया गया। Agnihotri इसी को जोड़कर अपने आंदोलन को वैचारिक आधार दे रहे हैं।

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Alankar Agnihotri की मुख्य मांग क्या है?

  1. ‘पागल पंडित’ कहने वाले व्यक्ति का नाम सार्वजनिक हो
  2. नए UGC नियम वापस लिए जाएं
  3. माघ मेले में शंकराचार्य से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच
  4. प्रशासनिक दमन और कथित हाउस अरेस्ट पर जवाबदेही

Alankar Agnihotri का आंदोलन अब एक व्यक्तिगत विवाद से निकलकर वैचारिक और राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। सवाल यह है कि प्रशासन इस चुनौती का जवाब संवाद से देगा या सख्ती से फिलहाल बरेली का कलेक्ट्रेट इस टकराव का केंद्र बना हुआ है।

 

Location : 
  • Bareilly

Published : 
  • 27 January 2026, 4:45 PM IST

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