बांग्लादेश से आती थी हिल्सा, अब भारत से जा रही 500 टन; आखिर क्यों बदला कारोबार?

भारत-बांग्लादेश के बीच हिल्सा मछली का कारोबार इस बार उलट गया है। बांग्लादेश से भारत आने वाली हिल्सा अब भारत से बांग्लादेश भेजी जा रही है। पिछले दो महीनों में करीब 500 टन हिल्सा निर्यात हुई है। गुजरात की रो वाली हिल्सा की बांग्लादेश में खास मांग बताई जा रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 September 2026, 10:59 AM IST
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New Delhi: भारत और बांग्लादेश के बीच हिल्सा मछली का कारोबार इस बार नई दिशा में जाता दिखाई दे रहा है। जिस हिल्सा को आमतौर पर बांग्लादेश से भारत लाया जाता था, अब वही मछली भारत से बांग्लादेश भेजी जा रही है। कारोबारियों के मुताबिक, पिछले दो महीनों में भारत से करीब 500 टन हिल्सा बांग्लादेश निर्यात की जा चुकी है। आने वाले कुछ हफ्तों में 150 से 200 टन अतिरिक्त हिल्सा भेजे जाने की उम्मीद है।

बांग्लादेश में कम उत्पादन ने बढ़ाई मांग

कारोबारियों के अनुसार, इस साल बांग्लादेश में हिल्सा का उत्पादन कम रहने की खबरों के बीच घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत से मछली मंगाई जा रही है। बांग्लादेश दुनिया के प्रमुख हिल्सा उत्पादक देशों में शामिल है। वहां हिल्सा केवल खाने की पसंद नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा से भी जुड़ी हुई है।

गुजरात की हिल्सा बनी बांग्लादेशी खरीदारों की पसंद

भारत में गुजरात से मिलने वाली हिल्सा की घरेलू मांग अपेक्षाकृत कम बताई जाती है। इसकी बड़ी वजह मछली में मौजूद बड़ी मात्रा में रो यानी अंडे हैं। हालांकि, यही खासियत बांग्लादेशी बाजार में इसे आकर्षक बना रही है।

कारोबारियों के मुताबिक, चटगांव और सिलहट जैसे इलाकों में रो से भरी हिल्सा की काफी मांग है। कुछ मामलों में हिल्सा से अंडे अलग कर उन्हें प्रोसेस किया जा रहा है और दूसरे देशों के बाजारों में भी भेजे जाने की बात सामने आई है।

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पहली बार भारत से हिल्सा का आयात

कारोबारियों का कहना है कि बांग्लादेश ने पहली बार भारत से हिल्सा का आयात किया है। इससे पहले भारत से बोआल, रोहू, पार्शे और टेंगरा जैसी मछलियां बांग्लादेश भेजी जाती रही हैं। पिछले दो महीनों में करीब 500 टन हिल्सा का निर्यात हो चुका है।

बांग्लादेशी व्यापारी कुछ हिल्सा को प्रोसेस करने के बाद विदेशी बाजारों में भेज रहे हैं। वहीं कुछ मछलियों को सुखाकर और नमक लगाकर घरेलू बाजार में ‘साल्टेड हिल्सा’ के रूप में भी बेचा जा रहा है।

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अब नजर दुर्गा पूजा पर

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस साल दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश से भारत को पद्मा नदी की हिल्सा मिलेगी या नहीं। फिलहाल इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पिछले साल बांग्लादेश सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले भारत को 1,200 टन हिल्सा निर्यात करने की अनुमति दी थी। ऐसे में इस साल दोनों देशों के बीच हिल्सा कारोबार किस दिशा में जाता है, इस पर कारोबारियों और मछली प्रेमियों की नजर बनी हुई है।

Location :  New Delhi

Published :  14 September 2026, 10:58 AM IST

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