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असम के करबी आंगलोंग में भारतीय वायुसेना का Su-30MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया। हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मौत हो गई। विमान जोरहाट एयरबेस से ट्रेनिंग मिशन पर उड़ा था।
भारतीय वायुसेना का एक Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त
New Delhi: असम के करबी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का एक Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में भारतीय वायुसेना के दो पायलटों की मौत हो गई। वायुसेना ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की पहचान Anuj और Purvesh Duragkar के रूप में हुई है। भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा एयरफोर्स परिवार इस दुख की घड़ी में शहीद पायलटों के परिवार के साथ खड़ा है।
IAF acknowledges the loss of Sqn Ldr Anuj and Flt Lt Purvesh Duragkar, who sustained fatal injuries in the Su-30 crash. All personnel of the IAF express sincere condolences, and stand firmly with the bereaved family in this time of grief.@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD… pic.twitter.com/zUtfUJ2ewr
— Indian Air Force (@IAF_MCC) March 6, 2026
जानकारी के अनुसार यह विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था। यह फाइटर जेट असम के Jorhat Air Force Station से उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही लापता हो गया था। अधिकारियों के मुताबिक विमान से संपर्क शाम 7:42 बजे अचानक टूट गया था। इसके बाद तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। बाद में विमान का मलबा असम के Karbi Anglong जिले में मिला।
Su-30MKI भारतीय वायुसेना का सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली लड़ाकू विमान माना जाता है। यह दो सीटों वाला मल्टी-रोल और लंबी दूरी तक मार करने वाला फाइटर जेट है। इस विमान को रूस की कंपनी Sukhoi ने विकसित किया है। भारत में इसका निर्माण लाइसेंस के तहत सरकारी कंपनी Hindustan Aeronautics Limited करती है।
भारतीय वायुसेना के पास Su-30MKI विमानों का बड़ा बेड़ा मौजूद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरफोर्स के पास ऐसे 260 से अधिक फाइटर जेट हैं, जो वायु रक्षा और स्ट्राइक मिशनों में अहम भूमिका निभाते हैं। यह विमान लंबी दूरी तक उड़ान भरने, हवा में ईंधन भरने और कई तरह के हथियार ले जाने की क्षमता के कारण भारतीय वायुसेना की ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाएगी कि हादसा तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य कारण से हुआ।