चीन देखता रह गया और IAF ने रच दिया इतिहास, लगातार 5वीं बार ड्रैगन को पछाड़ दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना बनी भारत

भारतीय वायु सेना ने एक बार फिर दुनिया की सबसे ताकतवर वायु सेनाओं में अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। WDMMA की 2026 रैंकिंग में भारतीय वायु सेना तीसरे स्थान पर कायम रही और लगातार पांचवीं बार चीन की वायु सेना को पीछे छोड़ने में सफल रही।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 11 July 2026, 10:22 AM IST
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New Delhi: भारतीय वायु सेना (IAF) ने विश्व की सबसे शक्तिशाली वायु सेनाओं की सूची में अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है। 'वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट' (WDMMA) की वर्ष 2026 की रिपोर्ट के अनुसार भारत केवल अमेरिका और रूस से पीछे है, जबकि उसने एक बार फिर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायु सेना लगातार पांचवीं बार चीन से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रही है। यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और मजबूत हवाई शक्ति को दर्शाती है।

कई पहलुओं पर होती है रैंकिंग

WDMMA की रैंकिंग केवल लड़ाकू विमानों की संख्या के आधार पर तय नहीं होती है। इसके लिए संगठन का 'ट्रू वैल्यू रेटिंग' (TVR) सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें वायु सेना की कुल क्षमता का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। इस प्रक्रिया में विमानों की गुणवत्ता, तकनीकी क्षमता, बेड़े की विविधता, आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक सपोर्ट, संचालन क्षमता और भविष्य की योजनाओं जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाता है। हर वर्ष यह संस्था 103 देशों की 129 वायु सेनाओं और दुनिया भर के 48 हजार से अधिक सैन्य विमानों का अध्ययन करती है।

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IAF का संतुलित और आधुनिक बेड़ा

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायु सेना के पास विभिन्न प्रकार के विमानों का संतुलित बेड़ा मौजूद है, जिससे उसकी संचालन क्षमता और भी मजबूत होती है। भारतीय वायु सेना के पास वर्तमान में कुल 1,716 सैन्य विमान हैं। इनमें 542 लड़ाकू विमान शामिल हैं, जो सात अलग-अलग श्रेणियों में आते हैं। इस सूची में मिग-21 लड़ाकू विमान भी शामिल हैं, जिन्हें सितंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से सेवा से हटाने की योजना है।

हेलीकॉप्टर और परिवहन विमानों में भी मजबूत है भारत

भारतीय वायु सेना के बेड़े में 498 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इनमें 222 Mi-17 हेलीकॉप्टर प्रमुख हैं। इसके अलावा स्वदेशी तकनीक से तैयार किए गए HAL ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टरों की संख्या 111 है, जो भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को भी दर्शाते हैं। वायु सेना के पास 282 परिवहन विमान भी हैं, जिनका उपयोग सैनिकों और सैन्य उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में किया जाता है।

प्रशिक्षण और विशेष मिशनों के लिए भी पर्याप्त संसाधन

भारतीय वायु सेना के पास 374 ट्रेनर विमान हैं, जिनमें से 325 विमानों का उपयोग विशेष रूप से पायलटों के प्रशिक्षण के लिए किया जाता है। इससे भविष्य के लड़ाकू और सैन्य पायलटों को तैयार करने में मदद मिलती है। इसके अलावा वायु सेना के बेड़े में 20 विशेष मिशनों के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान भी शामिल हैं। इनमें एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने वाले विमान तथा हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर विमान शामिल हैं। ये विमान लंबी दूरी के अभियानों और रणनीतिक निगरानी क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

भविष्य की योजनाएं भी बढ़ाती हैं भारत की ताकत

WDMMA की रैंकिंग में केवल मौजूदा सैन्य ताकत ही नहीं, बल्कि भविष्य में विमान खरीदने की योजनाओं और देश के एयरोस्पेस उद्योग की क्षमता को भी महत्व दिया जाता है। भारत द्वारा स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक लड़ाकू विमानों एवं हेलीकॉप्टरों को शामिल करने की रणनीति भी उसकी बेहतर रैंकिंग में अहम भूमिका निभा रही है।

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अमेरिका पहले और रूस दूसरे स्थान पर

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे ताकतवर वायु सेना अमेरिका की यूएस एयर फोर्स (USAF) है, जबकि रूस दूसरे स्थान पर बना हुआ है। अमेरिकी वायु सेना के बेड़े में लड़ाकू विमानों की हिस्सेदारी लगभग 32 प्रतिशत है। वहीं बॉम्बर और क्लोज एयर सपोर्ट विमानों को जोड़ने पर यह आंकड़ा 41 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इसके अलावा अमेरिकी वायु सेना में परिवहन और विशेष मिशनों वाले विमानों की हिस्सेदारी भी काफी अधिक है, जो उसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु शक्ति बनाती है।

भारत की बढ़ती हवाई ताकत का मिला वैश्विक सम्मान

भारतीय वायु सेना का लगातार शीर्ष तीन देशों में बने रहना देश की बढ़ती सैन्य शक्ति और आधुनिक रक्षा तैयारियों का प्रमाण माना जा रहा है। चीन जैसी बड़ी सैन्य ताकत को पीछे छोड़ना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह वैश्विक स्तर पर भारतीय वायु शक्ति की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

Location :  New Delhi

Published :  11 July 2026, 9:09 AM IST

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