हिमाचल की सांस्कृतिक धरोहर को झटका, चंबा के गिरड़ माता मंदिर में भीषण अग्निकांड; जानिये हादसे की वजह और अभी तक का अपडेट?

हिमाचल प्रदेश के भरमौर में ऐतिहासिक गिरड़ माता मंदिर में लगी भीषण आग ने सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को राख में बदल दिया। इस हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर है और आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

Updated : 7 February 2026, 11:23 AM IST
google-preferred

Shimla: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत खुंदेल के गिरड़ गांव में स्थित करीब 200 साल पुराना ऐतिहासिक गिरड़ माता मंदिर शुक्रवार, 6 फरवरी को भीषण आग की चपेट में आ गया। अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में पूरे मंदिर परिसर को अपनी लपटों में ले लिया, जिससे यह प्राचीन मंदिर पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

लकड़ी की संरचना बनी आग की वजह से बड़ा नुकसान

जानकारी के अनुसार मंदिर पारंपरिक देवदार की लकड़ी से निर्मित था, जिस कारण आग तेजी से फैलती चली गई। स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और सीमित संसाधनों के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। देखते ही देखते करीब दो शताब्दियों पुरानी यह ऐतिहासिक इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।

Fire in Himachal Pradesh: सिरमौर में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद घर में लगी भीषण आग, 6 लोगों की मौत

प्राचीन मूर्तियां और विरासत को अपूरणीय क्षति

इस अग्निकांड में मंदिर के भीतर स्थापित प्राचीन धार्मिक धरोहरों को भारी नुकसान पहुंचा है। संगमरमर और दुर्लभ ‘ब्लैक स्टोन’ से बनी माता की मूर्तियां आग की भीषण तपिश के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके अलावा मंदिर में मौजूद पीतल की ऐतिहासिक मूर्तियों को भी नुकसान हुआ है। देवदार की लकड़ियों पर की गई सदियों पुरानी नक्काशी, जो कारीगरी का अनमोल उदाहरण थी, अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।

आस्था और संस्कृति का केंद्र था मंदिर

गिरड़ माता मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र था, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान भी माना जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं पीढ़ियों से चली आ रही थीं। मंदिर के नष्ट होने से पूरे इलाके में शोक और गहरा सदमा व्याप्त है।

पुलिस ने शुरू की जांच, कारणों का पता नहीं

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट, मानवीय लापरवाही या किसी अन्य कारण से लगी।

Fatehpur News: दुर्गा मंदिर विवाद में दो तांत्रिक भाइयों में बवाल…थाने में हंगामा, जानें पूरा मामला

प्रशासन से संरक्षण की मांग

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम और अग्निशमन की उचित व्यवस्था होती, तो शायद इस अमूल्य विरासत को बचाया जा सकता था।

Location : 
  • Shimla

Published : 
  • 7 February 2026, 11:23 AM IST

Advertisement
Advertisement