हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा- सोशल मीडिया से हटाओ केजरीवाल और जस्टिस स्वर्णकांता का वीडियो

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की कोर्ट में हुई बहस के वायरल वीडियो को लेकर सख्त एक्शन लिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि जस्टिस स्वर्णकांता के सामने बहस करते हुए अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो सामने आया। जिसकी सोशल मीडिया से हटाने की बात हाईकोर्ट ने कही।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 April 2026, 2:50 PM IST
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New Delhi: दिल्ली में अदालत की कार्यवाही से जुड़ा एक वीडियो अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की अदालत में बहस का वीडियो सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि न्यायिक प्रक्रिया के नियमों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस को वीडियो हटाने के निर्देश

हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने बहस करते हुए केजरीवाल की अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाए। कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऑनलाइन सुनवाई से जुड़े नियमों में साफ लिखा है कि कोर्ट की कार्यवाही को रिकॉर्ड कर पब्लिश नहीं किया जा सकता।

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वीडियो अपलोड करने वालों पर भी कार्रवाई

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि सिर्फ वीडियो हटाना ही नहीं, बल्कि उसे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी के मुताबिक, ऐसे सभी मामलों की पहचान कर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक्शन लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं। हाईकोर्ट पहले भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई कर चुका है और इस बार भी उसने साफ कर दिया है कि अदालत की गरिमा और गोपनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

केजरीवाल की दलीलें और कोर्ट में क्या हुआ

13 अप्रैल को दिल्ली पुलिस खुद हाईकोर्ट में पेश हुए थे और उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को मामले से अलग करने की अपनी याचिका पर करीब एक घंटे तक बहस की। इस दौरान उन्होंने अपनी 10 दलीलें पेश कीं। सुनवाई खत्म होते ही उनकी बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इसके बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में पेश होकर केजरीवाल की याचिका का विरोध किया।

क्या है पूरा आबकारी नीति मामला?

यह मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसमें Central Bureau of Investigation (CBI) ने 2022 में एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि नीति में हेरफेर कर शराब कारोबार में मोनोपोलाइजेशन और कार्टेलाइजेशन को बढ़ावा दिया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कथित घोटाले में आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं को शराब कारोबारियों से किकबैक मिलने का आरोप है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में कई समन जारी किए, जिनमें केजरीवाल कई बार पेश नहीं हुए और समन को राजनीतिक साजिश बताया।

Location :  New Delhi

Published :  15 April 2026, 2:50 PM IST

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