AI से बढ़ते खतरे को रोकने के लिए RBI और वित्त मंत्रालय का बड़ा कदम! अब AI बनेगा ही हथियार

भारत में डिजिटल तरीके से हर दिन अरबों का लेनदेन होता है, डिजिटल सार्वजनिक ढांचा काफी मजबूत और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था से लैस है परन्तु सतर्क रहने की जरुरत है। सरकार नई रणनीति के तहत एडवांस AI मॉडल से पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम की कमजोरियां तलाश कर खतरों से निपटने के लिए AI को ही AI के खिलाफ इस्तेमाल करेगी।

Updated : 1 June 2026, 5:57 PM IST
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New Delhi: AI के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए RBI और वित्त मंत्रालय ने नई रणनीति तैयार की है। साइबर अपराधियों के लिए ताकतवर हथियार बन रहे AI के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए AI का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। नई रणनीति के तहत एडवांस AI मॉडल  से पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम की कमजोरियां तलाश  की जाएगी। कमियों को तलाश कर खतरों से निपटने के लिए AI को ही AI के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा।

AI पुराने सिस्टम की कमजोरियां खोजेगा

माना जा रहा है कि सिर्फ मैन्युअल ऑडिट से साइबर सुरक्षा नहीं की जा सकती। पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम में ऐसी खामियां हो सकती हैं जो वर्षों से सामने नहीं आई हैं। “सिस्टम में मौजूद पुरानी और छिपी हुई तकनीकी खामियों को ढूंढने के लिए हमें AI का इस्तेमाल किया जाएगा। Anthropic के मुताबिक Claude Mythos प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में मौजूद “जीरो-डे वल्नरेबिलिटी” यानी ऐसी खामियों को पहचान सकता है जिनकी जानकारी पहले से नहीं होती।

Anthropic के AI मॉडल से चिंता

अमेरिकी AI कंपनी Anthropic का नया जनरेटिव AI मॉडल “Claude Mythos” है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल दशकों पुराने कंप्यूटर कोड में छिपी कमजोरियों को खोज सकता है और जरूरत पड़ने पर उनका फायदा भी उठा सकता है। यही कारण है सरकार Anthropic के AI मॉडल से चिंतित है।

Mythos मॉडल की क्षमता की भी होगी जांच

अधिकारी ने बताया कि MeitY, Anthropic और अमेरिकी सरकार के संपर्क में है ताकि इस AI मॉडल तक शुरुआती पहुंच मिल सके। उन्होंने कहा, “हमें यह भी जांचना होगा कि Anthropic अपने मॉडल के बारे में जो दावे कर रही है, वह वास्तव में उतना सक्षम है या नहीं।”

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सुरक्षा में कोई बड़ी चूक वित्तीय स्थिरता के लिए भी खतरा

भारत में ऐसा डिजिटल ढांचा है कि उससे हर दिन अरबों का लेनदेन होता है। ऐसे में साइबर सुरक्षा में कोई बड़ी चूक सिर्फ तकनीकी नहीं बल्कि वित्तीय स्थिरता के लिए भी खतरा बन सकती है। माना जाता है कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक ढांचा काफी मजबूत और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था से लैस है परन्तु सतर्क रहने की जरुरत है।

बैंकों को किया जा चुका है अलर्ट

अप्रैल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के प्रमुखों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी।बैठक के बाद सरकारी बैंकों ने आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा पर खर्च बढ़ाने का फैसला किया था।

Location :  New Delhi

Published :  1 June 2026, 5:57 PM IST

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