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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। I-PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एजेंसी ने कंपनी से जुड़े प्रमुख नाम प्रतीक जैन के परिवार पर शिकंजा कसते हुए उनके भाई पुलकित जैन और पत्नी बार्बी जैन को 15 अप्रैल को दिल्ली स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया है।
यह कदम 13 अप्रैल 2026 को कंपनी के डायरेक्टर और 33 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले विनेश चंदेल की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया। दिल्ली पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी की मुख्यालय जांच इकाई ने पीएमएलए के तहत यह कार्रवाई तेज की है।
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विनेश चंदेल को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया गया। एजेंसी का मानना है कि प्रतीक जैन के परिवार के पास इस मामले से जुड़ी अहम जानकारियां हो सकती हैं। इसलिए पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश की जा रही है।
अब तक की जांच में करीब 50 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि का खुलासा हुआ है। ईडी के मुताबिक, I-PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को बिना ठोस व्यावसायिक आधार के असुरक्षित लोन और फर्जी बिलिंग के जरिए फंडिंग मिली। इसके अलावा हवाला चैनलों और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे के लेनदेन के संकेत भी मिले हैं। एजेंसी ने कंपनी के निदेशकों को इन वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया है और मामले की तह तक जाने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
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इस कार्रवाई ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। इससे पहले जब ईडी ने प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंच गई थीं, जिसके चलते तलाशी अभियान को बीच में रोकना पड़ा था। अब चुनाव से पहले की इस कार्रवाई पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए केंद्रीय एजेंसियों की टाइमिंग पर निशाना साधा है।
Location : Kolkata
Published : 15 April 2026, 8:27 AM IST