श्रावणी मेला 2026: खत्म हुई डेटलाइन, अब प्रशासन की असली परीक्षा… 30 जुलाई से शुरू होगा आस्था का महासंगम

देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 शुरू होने वाला है और इसके साथ ही प्रशासन की महीनों की तैयारियों की असली परीक्षा भी शुरू हो जाएगी। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुविधाओं को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 28 July 2026, 8:24 PM IST
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Deoghar: महीनों से चल रही तैयारियों, लगातार समीक्षा बैठकों, मैराथन निरीक्षणों और प्रशासनिक कवायद के बाद आखिरकार वह घड़ी आ गई है जिसका लाखों शिवभक्तों को इंतजार था। 30 जुलाई से विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। इसके साथ ही अब कागजी तैयारियों का दौर लगभग समाप्त हो चुका है और जिला प्रशासन की असली परीक्षा शुरू होने वाली है।

उद्घाटन समारोह में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री दीपिका पांडे सिंह, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, देवघर विधायक सुरेश पासवान, जसीडीह विधायक वीरेंद्र कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी प्रस्तावित है। लेकिन उद्घाटन मंच से कहीं बड़ी चुनौती उस भीड़ की है, जो अगले एक महीने तक बाबा वैद्यनाथ धाम में उमड़ने वाली है।

17 जुलाई से ही बढ़ने लगी थी आस्था की रफ्तार

बंगला सावन की शुरुआत के साथ ही बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी थी। प्रतिदिन लगभग 50 से 60 हजार श्रद्धालु जलार्पण के लिए पहुंच रहे हैं। 30 जुलाई से राजकीय श्रावणी मेला शुरू होने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन की सारी तैयारियां अब वास्तविक परीक्षा से गुजरेंगी।

10 हजार से अधिक पुलिस बल को मिला स्पष्ट संदेश

मंगलवार को बीएड कॉलेज परिसर में आयोजित संयुक्त ब्रीफिंग में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने मेला ड्यूटी में तैनात 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों एवं दंडाधिकारियों को अंतिम दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी वर्दी पहनकर जलार्पण या पूजा-अर्चना करते हुए नजर नहीं आएगा। ड्यूटी सर्वोपरि होगी और श्रद्धालुओं की सुविधा ही पहली प्राथमिकता रहेगी।

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भीड़ नियंत्रण में इस बार तकनीक पर बड़ा भरोसा

इस वर्ष श्रावणी मेला केवल पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के भरोसे नहीं रहेगा। भीड़ की निगरानी और नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था, स्कैनिंग सिस्टम और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने की रणनीति अपनाई गई है ताकि किसी भी असामान्य स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का उद्देश्य केवल भीड़ को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुलभ, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है।

कोताही बर्दाश्त नहीं होगी- एसडीएम

ब्रीफिंग के दौरान अपर समाहर्ता रवि कुमार ने दो टूक कहा कि श्रावणी मेला जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को बिना अनावश्यक परेशानी के बाबा का दर्शन कराना है।

सफाई व्यवस्था पर नगर निगम की विशेष नजर

नगर निगम आयुक्त सुलोचना मीणा भी ब्रीफिंग में मौजूद रहीं। उन्होंने सफाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में कहीं भी गंदगी, कचरा या जलजमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सफाईकर्मियों की तैनाती, कचरा निष्पादन और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार मॉनिटर करने की योजना तैयार की गई है।

हर विभाग अलर्ट मोड में

स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस, पेयजल, बिजली, अग्निशमन, नगर निगम, आपदा प्रबंधन, परिवहन और अन्य सभी विभागों के अधिकारी अंतिम ब्रीफिंग में उपस्थित रहे।  श्रावणी मेला 2026 कई मायनों में अलग है। यह नए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और नए पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में आयोजित होने वाला पहला श्रावणी मेला है। दोनों अधिकारियों ने तैयारी के दौरान लगातार स्थलीय निरीक्षण, समीक्षा बैठकें और विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया है।

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पिछले वर्षों के अनुभव से मिली सीख

श्रावणी मेले के दौरान कई बार श्रद्धालुओं की अचानक बढ़ी भीड़, लंबी कतारें और दबाव वाली परिस्थितियां प्रशासन के लिए चुनौती बनती रही हैं। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से अधिक सतर्कता, बेहतर समन्वय और तकनीकी निगरानी पर जोर दिया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि भीड़ बढ़ने के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अधिकारी मैदान में हैं। पुलिस चौकन्नी है। निगरानी तंत्र सक्रिय है। अब सबकी निगाहें 30 जुलाई पर टिकी हैं।

Location :  Deoghar

Published :  28 July 2026, 8:24 PM IST

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