हिंदी
दिल्ली जिमखाना क्लब (Img: Google)
New Delhi: दिल्ली के प्रतिष्ठित जिमखाना क्लब को खाली कराने के केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए आठ सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामला राजधानी के बेहद चर्चित और वीवीआईपी इलाके लुटियंस दिल्ली स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब से जुड़ा है।
केंद्र सरकार ने 22 मई को दिल्ली जिमखाना क्लब को नोटिस जारी कर 5 जून तक जमीन खाली करने को कहा था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए क्लब हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान क्लब की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में पक्ष रखा।
उन्होंने अदालत को बताया कि मामले में कई महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दे शामिल हैं और यह विवाद पहले से ही एनसीएलटी के समक्ष लंबित है। सिंघवी ने यह भी कहा कि जिमखाना क्लब एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए क्लब का कब्जा नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि अगर 5 जून तक क्लब स्वेच्छा से परिसर खाली नहीं करता है, तब भी कानून के तहत प्रक्रिया पूरी किए बिना कोई कार्रवाई नहीं होगी।
तुषार मेहता ने यह भी कहा कि सरकार क्लब को वैकल्पिक जमीन देने पर भी विचार कर सकती है। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत मुआवजे के रूप में पैसा या दूसरी जमीन दोनों विकल्प मौजूद हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्लब पक्ष से पूछा कि आखिर उनकी मुख्य शिकायत क्या है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि जमीन सरकार अपने कब्जे में लेती है, तब भी क्लब के सदस्यों की मेंबरशिप प्रभावित नहीं होगी।
फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है और अगली सुनवाई तक सभी पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाएगा।
Location : New Delhi
Published : 26 May 2026, 1:14 PM IST
Topics : Delhi Get smarter re GymkhanaClub highcourt LegalNews