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फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से बड़ा हादसा हो गया। बचाव के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से अफरातफरी
Faridabad : हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोगों से भरे एक झूले ने अचानक जवाब दे दिया। हंसी-खुशी के माहौल में पलभर में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। झूला टूटते ही आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दर्दनाक हादसे ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
झूला टूटते ही मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के वक्त झूले के आसपास भारी भीड़ मौजूद थी। अचानक झूला टूटकर गिर पड़ा, जिससे वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए। कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े तो कुछ को लोहे के ढांचे से चोटें आईं। पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे।
बचाव में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस जवान मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। इसी दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद लोगों को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर की मौत से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
13 लोग घायल, कई की हालत गंभीर
जिला उपायुक्त आयुष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की मौत हो चुकी है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। करीब छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
प्रशासन और अफसर मौके पर पहुंचे
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त, पर्यटन विभाग के एमडी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई, ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए और किसी अन्य हादसे की आशंका न रहे। हादसे वाले झूले के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब सूरजकुंड मेले में सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी तेज हवा के चलते फूड कोर्ट में गेट गिरने की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं ने मेले की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
जांच के आदेश, झूला संचालक रडार पर
प्रशासन ने साफ किया है कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। झूला संचालकों की भूमिका की जांच होगी और यह देखा जाएगा कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। हादसे के बाद मेला घूमने आए लोग डरे हुए नजर आए और कई परिवार अपने बच्चों व बुजुर्गों के साथ मेला छोड़कर लौटते दिखे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।