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बदायूं में मतदाता पुनरीक्षण अभियान सफल
Basirhat: पश्चिम बंगाल के बशीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। पूरक सूची (Supplementary List) में एक ही बूथ के 340 मतदाताओं के नाम अचानक हटा दिए गए, जिससे इलाके में भारी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। विवाद इसलिए बढ़ा क्योंकि हटाए गए सभी 340 नाम एक ही समुदाय से संबंधित थे।
बूथ नंबर 5, बड़ो गोबरा गांव (बेगमपुर बिबीपुर ग्राम पंचायत, बसीरहाट ब्लॉक-II) में कुल 992 मतदाता थे। इनमें से 38 नाम मृत्यु या स्थान बदलने के कारण हटाए गए। बाकी 954 मतदाताओं में से 358 को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। ड्राफ्ट लिस्ट में केवल 18 नाम ही क्लियर हुए, जबकि 340 नाम ‘निर्णयाधीन’ में रखे गए थे। 23 मार्च को जारी सप्लीमेंट्री लिस्ट में अचानक इन सभी 340 नामों को डिलीटेड कैटेगरी में डाल दिया गया।
बूथ के बीएलओ मोहम्मद शफीउल आलम ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उन्होंने सभी लोगों के फॉर्म चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार भरवाए और दस्तावेज अपलोड किए। इसके बावजूद सप्लीमेंट्री लिस्ट में न केवल ग्रामीणों के बल्कि खुद उनका नाम भी हटा दिया गया। शफीउल ने दावा किया कि चयनात्मक तरीके से खास समुदाय के लोगों के नाम हटाए गए हैं।
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शिकायत के बाद बीएलओ बशीरहाट ब्लॉक-II के बीडीओ के पास पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि उनके स्तर पर अब कोई कार्रवाई संभव नहीं है। ईआरओ की ओर से भी कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
प्रभावित मतदाता काजिरुल मंडल ने आरोप लगाया कि उन्होंने 3 से 4 दस्तावेज जमा किए थे, लेकिन चुनाव आयोग ने 11 में से किसी एक दस्तावेज को ही पर्याप्त माना। काजिरुल ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम एक विशेष राजनीतिक दल को खुश करने के लिए हटाए गए।
इस विवाद ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन पर दबाव डाल रहे हैं कि हटाए गए नामों को तुरंत सूची में शामिल किया जाए। चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई निष्पक्ष रही।
Location : Basirhat
Published : 26 March 2026, 1:57 PM IST
Topics : Assembly Elections 2026 Basirhat North Election Dispute Voter List Controversy West Bengal Politics