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BMC चुनाव के दौरान मुंबई में हिंसा की बड़ी घटना सामने आई है। शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार हाजी सलीम कुरैशी पर प्रचार के समय चाकू से हमला किया गया। वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इससे पहले AIMIM नेता इम्तियाज जलील की कार पर भी हमला हुआ था।
शिवसेना के उम्मीदवार पर जानलेवा हमला (Img: Google)
Mumbai: बीएमसी चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया, जब शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार हाजी सलीम कुरैशी पर प्रचार के दौरान जानलेवा हमला कर दिया गया। अज्ञात हमलावर ने सीधे उनके पेट में चाकू घोंप दिया।
घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। घायल अवस्था में हाजी सलीम को तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, शिवसेना उम्मीदवार हाजी सलीम कुरैशी बांद्रा के ज्ञानेश्वर नगर इलाके में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक अज्ञात व्यक्ति भीड़ के बीच से निकला और उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर ने धारदार चाकू से पेट पर वार किया और मौके से फरार हो गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि सुरक्षा में तैनात लोग भी संभल नहीं पाए।
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बीएमसी चुनाव के दौरान यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी प्रचार के समय नेताओं और उम्मीदवारों पर हमलों के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती तल्खी अब सड़कों पर नजर आने लगी है।
इस घटना से कुछ समय पहले ही छत्रपति संभाजीनगर में पूर्व सांसद और AIMIM नेता इम्तियाज जलील के प्रचार अभियान के दौरान भी हंगामा हुआ था। आरोप है कि बैजीपुरा इलाके में उनकी कार पर हमला करने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि यह हमला AIMIM के ही कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इस दौरान जलील के साथ मौजूद लोगों के साथ मारपीट भी हुई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरे इलाके को घेर लिया गया है और हमलावरों की पहचान के लिए CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश, आपसी विवाद या साजिश, हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जल्द कार्रवाई का दावा किया जा रहा है।
जैसे-जैसे नगर निगम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव और हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गई हैं। पुलिस विभाग ने संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है।
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