हिंदी
उत्तर प्रदेश में सर्दी ने गंभीर रूप ले लिया है। घना कोहरा, शीतलहर और बारिश की संभावना ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम है और शीत दिवस का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम अपडेट (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में सर्दी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। पूरे प्रदेश में ठंड मानो ‘कर्फ्यू’ की तरह छा गई है। सुबह-शाम हाड़ कंपाने वाली ठंड, घना कोहरा और शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी शीत दिवस की स्थिति बनी रहेगी। कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जबकि विजिबिलिटी घटकर 100 से 200 मीटर तक सिमट गई है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक लखनऊ समेत आसपास के जिलों में ठंड का प्रकोप लगातार बना रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों ही हिस्सों में शीत दिवस की चेतावनी जारी की गई है। ठंडी हवाओं और सूरज की कम मौजूदगी के कारण दिन में भी ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
शुक्रवार की शुरुआत प्रदेश के अधिकांश जिलों में घने कोहरे के साथ हुई। सुबह के समय सड़कों पर चलना जोखिम भरा रहा। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर के बाद कोहरे में कुछ कमी आ सकती है, जिससे थोड़ी राहत महसूस होगी। इसके बावजूद ठंडी हवाओं के चलते तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
Lucknow School Closed: लखनऊ में ठंड और कोहरे का कहर, 8वीं तक के सभी स्कूल 10 जनवरी तक बंद
इसके अलावा, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती समेत कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला। विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। रेल और सड़क यातायात पर भी इसका असर पड़ा है।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। बारिश होने पर ठंड और बढ़ सकती है। सुबह धुंध और कोहरे का असर बना रहेगा। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी 15 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
UP Weather: यूपी में कंपकंपाती ठंड का कहर बरकरार, जानें कब मिलेगी राहत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को तेजी से गिरा रही हैं। ठंडी रातों के बाद गंगा-यमुना के मैदानी क्षेत्रों में सुबह घना कोहरा बनता है, जो सूरज की किरणों को जमीन तक पहुंचने से रोकता है। इसी कारण पूरे दिन ठंड का असर बना रहता है और लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।