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CBI को बड़ी सफलता (Img: Google)
New Delhi: दिल्ली में रजिस्ट्री और दस्तावेज कार्य के नाम पर हिसाब-किताब की सेटिंग कराने का खेल लंबे समय से चलता आया है। इस बार खेल बिगड़ा और सीबीआई की टीम ने सीधा जाल बिछाकर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस के दो सरकारी कर्मचारियों सहित दो प्राइवेट लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि कश्मीरी गेट स्थित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्ट्री करवाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत न देने पर दस्तावेज में लाल सील लगाकर दिल्ली नगर निगम भेजे जाने की धमकी दी गई।
सीबीआई के मुताबिक 7 जनवरी को केस दर्ज हुआ और उसी दिन जाल भी लगा। जाल के दौरान एक प्राइवेट आरोपी को शिकायतकर्ता से 10 हजार लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। सीबीआई का दावा है कि पूरा खेल सब-रजिस्ट्रार, रीडर और दोनों प्राइवेट लोगों की मिलीभगत में चल रहा था। जैसे ही रकम हाथ बदली, टीम ने बिलकुल फिल्मी अंदाज में चारों को हिरासत में ले लिया।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि रजिस्ट्री करवाने के एवज में सीधे 10 हजार की डील हुई थी। शिकायत में यह भी आरोप था कि पैसे न देने पर दस्तावेज़ पर लाल मुहर लगाकर आपत्ति दिखाया जाता और पूरी फाइल दिल्ली नगर निगम भेज दी जाती। सरेआम सरकारी काम को निजी दर पर बेचने वाली यह डील सीबीआई को नागवार लगी और फौरन कार्रवाई शुरू हुई।
सीबीआई ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि कर दी है। अभी मामले में जांच जारी है और सीबीआई इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस सिस्टम में और कौन-कौन शामिल है, कितने समय से यह रैकेट चल रहा था और इससे पहले कितने लोगों से वसूली हुई। रजिस्ट्री का काम दिल्ली में बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए जांच किसी बड़े खुलासे की ओर भी जा सकती है।
रजिस्ट्री ऑफिसों में रिश्वत कोई नई बात नहीं, लेकिन सीबीआई की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि सिस्टम में बैठे कई लोग सरकारी कुर्सी को प्राइवेट धंधे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। आम लोगों के लिए यह कामकाज बेहद झंझट भरा होता है और मजबूरी में रिश्वत देना आम बात बन चुकी है। सीबीआई ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि आगे की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और भी कार्रवाई हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 8 January 2026, 8:51 PM IST
Topics : CBI Corruption crime news registry office sub registrar