CAA प्रदर्शन से हिंसा तक… जानिए कौन हैं तिहाड़ से रिहा हुए दिल्ली दंगों के आरोपी

2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट से कड़ी शर्तों के साथ जमानत मिलने के बाद गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान और मीरान हैदर तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। इसी मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद सलीम खान की भी रिहाई के आदेश जारी किए हैं।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 8 January 2026, 5:30 PM IST
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New Delhi: 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आरोपी गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान और मीरान हैदर सोमवार को तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। कोर्ट ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत की मंजूरी दी। वहीं, इसी मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद सलीम खान की रिहाई के आदेश भी जारी किए।

दंगों की साजिश का आरोप

इस मामले के मुख्य आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया गया। जेल से बाहर आते समय रिहा हुए आरोपियों की तस्वीरें भी सामने आईं। इन सभी पर संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों और 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं।

गुलफिशा फातिमा

गुलफिशा फातिमा दिल्ली की रहने वाली हैं और एमबीए ग्रेजुएट बताई जाती हैं। वह इस साजिश के मामले में एकमात्र महिला आरोपी हैं। उन पर जाफराबाद थाने में हत्या, दंगा, राजद्रोह सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गुलफिशा का संबंध ‘मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑफ जामिया’ से रहा है। उन पर आरोप है कि 23 फरवरी 2020 को सीलमपुर-जाफराबाद इलाके में महिलाओं की भीड़ इकट्ठा कर जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के रास्ते को जाम किया गया और मिर्च स्प्रे व पत्थरबाजी के लिए भीड़ को उकसाया गया। इससे पहले उन्हें अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी थी, लेकिन यूएपीए के तहत दर्ज केस में अब तक राहत नहीं मिली थी।

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मीरान हैदर

मीरान हैदर मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के निवासी हैं और उन्हें अप्रैल 2020 में गिरफ्तार किया गया था। वह जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र रह चुके हैं और उनका नाम राष्ट्रीय जनता दल की दिल्ली इकाई से जुड़ा बताया जाता है। वहीं, शिफा उर रहमान उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं। उन्होंने 1999 में बीबीए और 2001 में जामिया मिलिया इस्लामिया से एमकॉम की पढ़ाई की थी। गिरफ्तारी के समय वह जामिया के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष थे। उन पर शरजील इमाम और उमर खालिद के साथ मिलकर साजिश रचने और करीब 1.60 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल करने का भी आरोप है।

शिफा उर रहमान

उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं। 1999 में बीबीए और 2001 में जामिया से एमकॉम किया। गिरफ्तारी के समय जामिया के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष थे। शरजील इमाम और उमर खालिद के साथ साजिश में शामिल होने का आरोप है। आरोपियों को 1.60 करोड़ रुपये की फंडिंग मिलने का भी आरोप है।

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मोहम्मद सलीम खान

इस मामले में रिहा किए गए मोहम्मद सलीम खान की उम्र करीब 50 वर्ष बताई जाती है और वह दिल्ली के चांदबाग इलाके के निवासी हैं। पेशे से बिजनेसमैन सलीम खान ‘द केयर सोसायटी’ के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। उन पर चांदबाग में CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने और मुस्लिम समुदाय को उकसाने के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल, जांच एजेंसियां सुप्रीम कोर्ट और निचली अदालतों के आदेशों के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 8 January 2026, 5:30 PM IST

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