भारत की इस Tea ने दुनिया में किया कमाल, 100 बेहतरीन चायों में हासिल किया पहला स्थान

टेस्ट एटलस की ‘दुनिया की 100 बेहतरीन चाय’ सूची में भारत की मसाला चाय ने पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। जापान की होजिचा और चीन की पु एरह पीछे रह गईं। दार्जिलिंग और असम जैसी भारतीय चायों ने भी वैश्विक पहचान बनाई है और भारत का मान बढ़ाया है।

Updated : 31 May 2026, 4:05 PM IST
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New Delhi: चाय, जो भारत में सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि एक भावना है, अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रही है। सुबह की शुरुआत हो या शाम की थकान मिटानी हो, हर मौके पर चाय भारतीय जीवन का अहम हिस्सा रही है। अब इसी देसी स्वाद का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। मशहूर ग्लोबल फूड गाइड टेस्ट एटलस की ‘दुनिया की 100 बेहतरीन चाय’ की ताजा सूची में भारतीय चायों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

मसाला चाय बनी दुनिया की नंबर-1 चाय

इस वैश्विक सूची में भारत की पारंपरिक और लोकप्रिय मसाला चाय ने पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि भारतीय चाय प्रेमियों के लिए गर्व का विषय बन गई है। मसाला चाय अपने अनोखे स्वाद, सुगंध और मसालों के मिश्रण के कारण दुनियाभर में पसंद की जाती है। इसी वजह से इसे इस प्रतिष्ठित सूची में शीर्ष स्थान मिला है।

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जापान और चीन की मशहूर चायें भी शामिल

इस सूची में केवल भारत ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों की प्रसिद्ध चायों को भी जगह मिली है। दूसरे स्थान पर जापान की भुनी हुई हरी चाय होजिचा रही है। तीसरे स्थान पर श्रीलंका की मजबूत और लोकप्रिय सीलोन ब्लैक टी ने जगह बनाई है।

चौथे स्थान पर जापान की ताजगी भरी सेन्चा चाय रही, जबकि पांचवें स्थान पर चीन की विंटेज चाय पु एरह शामिल की गई है। इन सभी चायों ने अपनी अनोखी पहचान के दम पर वैश्विक सूची में स्थान हासिल किया है।

अन्य भारतीय चायों का भी शानदार प्रदर्शन

भारत की कई अन्य चायों ने भी इस सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

दार्जिलिंग चाय: अपनी खास और भीनी खुशबू के लिए मशहूर यह चाय छठे स्थान पर रही।
असम चाय: अपने कड़क और दमदार स्वाद के लिए जानी जाने वाली यह चाय 13वें स्थान पर रही।
सुलेमानी चाय: केरल की ताजगी भरी यह चाय 39वें स्थान पर रही।
कांगड़ा चाय: हिमाचल प्रदेश की वादियों का स्वाद समेटे यह चाय 41वें स्थान पर रही।
नून चाय: कश्मीर की अनोखी नमकीन गुलाबी चाय को 43वां स्थान मिला।

इन सभी चायों ने भारत की विविध चाय संस्कृति को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई है।

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भारतीय चाय बागानों को भी मिला वैश्विक सम्मान

टेस्ट एटलस ने केवल चायों को ही नहीं, बल्कि दुनिया के ऐतिहासिक और बेहतरीन चाय बागानों को भी सम्मानित किया है। इस सूची में भारत के कुछ प्रतिष्ठित चाय बागानों का भी उल्लेख किया गया है।

पश्चिम बंगाल के कुर्सियांग में स्थित मकईबाड़ी टी एस्टेट, जिसकी स्थापना वर्ष 1859 में हुई थी और जिसे दुनिया की सबसे पुरानी चाय फैक्ट्रियों में से एक माना जाता है, को विशेष पहचान मिली है। इसके अलावा असम के डिब्रूगढ़ की हलमारी चाय ने भी अपनी समृद्ध विरासत और गुणवत्ता के साथ भारत का नाम रोशन किया है।

भारत की चाय संस्कृति को वैश्विक पहचान

इस सूची ने यह साबित कर दिया है कि भारत की चाय केवल घरेलू पसंद नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत जगह बना चुकी है। मसाला चाय से लेकर दार्जिलिंग और असम की चायों तक, भारतीय स्वाद और परंपरा ने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई है।

Location :  New Delhi

Published :  31 May 2026, 4:05 PM IST

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