वैश्विक पटल पर चमका काशी का महामना का आंगन: पहली बार दुनिया के टॉप-1000 में मारी एंट्री, जानें कैसे बदला बीएचयू का पूरा गेम!

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने इतिहास रचते हुए पहली बार 'क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027' के टॉप-1000 संस्थानों (951-1000 श्रेणी) में जगह बनाई है। सस्टेनेबिलिटी स्कोर में 37.8% की भारी बढ़त और बेहतर अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क के बूते विश्वविद्यालय ने यह वैश्विक मुकाम हासिल किया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 June 2026, 10:36 AM IST
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Varanasi: शिक्षा की नगरी काशी के नाम एक और ऐतिहासिक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसी बड़ी छलांग लगाई है, जिसने दुनिया भर के शिक्षाविदों को चौंका दिया है। वैश्विक स्तर पर जारी होने वाली प्रतिष्ठित 'क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027' में बीएचयू को इतिहास में पहली बार दुनिया के शीर्ष 1000 शैक्षणिक संस्थानों में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है। महामना की बगिया ने इस बार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 951-1000 की प्रतिष्ठित वैश्विक श्रेणी में अपनी मजबूत जगह पक्की कर ली है। आपको बता दें कि पिछले साल तक विश्वविद्यालय 1001-1200 की रैंकिंग श्रेणी में संघर्ष कर रहा था।

सस्टेनेबिलिटी स्कोर में आया रिकॉर्ड तोड़ उछाल

बीएचयू की इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे कई बड़े कारक रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सस्पेंस और चौंकाने वाला बदलाव इसके 'सस्टेनेबिलिटी स्कोर' (पर्यावरणीय और सामाजिक स्थिरता) में देखने को मिला। विश्वविद्यालय के इस स्कोर में 37.8 फीसदी की रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सस्टेनेबिलिटी के मामले में बीएचयू का स्कोर पिछले रिकॉर्ड 44.5 से छलांग लगाकर सीधे 61.3 पर पहुंच गया है, जिसने इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बहुत आगे खड़ा कर दिया है।

रिसर्च और इंटरनेशनल नेटवर्क में भी गाड़े झंडे

विश्वविद्यालय ने न केवल पर्यावरण बल्कि शोध और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी धाक जमाई है। रिसर्च इम्पैक्ट को मापने वाले 'प्रति फैकल्टी साइटेशन' का स्कोर 18.8 से बढ़कर अब 20.8 हो गया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क (इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क) में भी बीएचयू ने जबरदस्त सुधार करते हुए अपना स्कोर 59.3 से बढ़ाकर 67.4 कर लिया है। वैश्विक बाजार में बीएचयू के छात्रों की बढ़ती मांग का असर 'नियोजक प्रतिष्ठा' (एम्प्लॉयर रेपुटेशन) में भी दिखा, जिसका स्कोर 10.6 से सुधरकर 11.4 हो गया है।

रैंकिंग महज शुरुआत, असली मंजिल अभी बाकी: कुलपति

इस ऐतिहासिक माइलस्टोन पर खुशी जताते हुए बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह रैंकिंग पाना ही हमारा अंतिम उद्देश्य नहीं है। हमारा मुख्य लक्ष्य एक ऐसा संस्थान तैयार करना है जो इन उपलब्धियों का वास्तविक हकदार हो। बीएचयू का टॉप-1000 में आना यह साबित करता है कि हमारा परिसर केवल चारदीवारी और कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम सामाजिक और वैश्विक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय हर एक छात्र, शिक्षक और कर्मचारी की कड़ी मेहनत को दिया।

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ग्रीन कैंपस इनिशिएटिव और डिजिटल लाइब्रेरी का मिला फायदा

 बीएचयू प्रशासन के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में परिसर में बड़े पैमाने पर 'ग्रीन कैंपस इनिशिएटिव' के तहत सोलर प्लांटेशन, वेस्ट मैनेजमेंट और पेपरलेस ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया गया था। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी का वैश्विक एक्सेस आसान किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइटेशन और सस्टेनेबिलिटी स्कोर को बढ़ाने में ब्रह्मास्त्र का काम किया।

Location :  Varanasi

Published :  20 June 2026, 10:36 AM IST

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