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मोबाइल में आईकार्ड दिखाने पर भी नहीं माने गार्ड (Image Source: Pinterest)
Varanasi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर से सुरक्षाकर्मियों की दबंगई का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ यूनिवर्सिटी के तीन सुरक्षा गार्डों पर एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट और अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित छात्र की पहचान नीरज के रूप में हुई है, जिसे इस घटना में हाथ और कंधों पर काफी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद छात्र को इलाज के लिए बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। पीड़ित छात्र ने इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
यह घटना 12 जून की रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। छात्र नीरज हैदराबाद गेट के रास्ते अस्पताल की तरफ जा रहा था, तभी वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया और आईकार्ड की मांग की। नीरज ने बताया कि वह जल्दबाजी में अपना फिजिकल आईकार्ड घर पर भूल गया था, इसलिए उसने अपने मोबाइल फोन में डिजिटल आईकार्ड दिखाया। लेकिन सुरक्षाकर्मी इसे मानने को तैयार नहीं हुए। इसी बीच नीरज ने देखा कि कई अन्य लोग बिना किसी चेकिंग या कार्ड के गेट से अंदर जा रहे थे। जब नीरज ने इस भेदभाव पर सवाल उठाया और अपने फोन से घटना का वीडियो बनाने लगा, तो गार्ड भड़क गए।
पीड़ित छात्र का आरोप है कि वीडियो बनता देख तीनों सुरक्षाकर्मी आपा खो बैठे। वे उसे जबरन खींचकर पास के ही एक बंद कमरे में ले गए, जहाँ लगभग 15 मिनट तक उसे बेरहमी से पीटा गया और उसका फोन भी छीनने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर इस मारपीट का एक वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षाकर्मी छात्र के साथ हाथापाई करते नजर आ रहे हैं। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में एक जांच समिति (कमेटी) का गठन किया है और पूछताछ के लिए पीड़ित छात्र को प्राक्टोरियल बोर्ड ऑफिस बुलाया गया।
बीएचयू में सुरक्षाकर्मियों के दुर्व्यवहार का यह अकेला मामला नहीं है। अस्पताल के बाल रोग विभाग से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां अपने बच्चे का इलाज करा रही एक महिला वार्ड से दवाइयां और सामान लेने बार-बार बाहर जा रही थी। महिला का आरोप है कि वहां तैनात एक गार्ड ने उसके साथ बदतमीजी की और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कराने की सीधी धमकी दे डाली। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने बताया कि दोनों घटनाओं की जांच की जा रही है और सुरक्षाकर्मियों को सख्त चेतावनी दी गई है।
इस घटना के बाद बीएचयू के आम छात्रों में सुरक्षा तंत्र के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया है। छात्रों का कहना है कि कैंपस में बाहरी असामाजिक तत्वों और मनचलों पर लगाम लगाने में नाकाम रहने वाली सुरक्षा एजेंसी, अब अपनी कमियां छिपाने के लिए आम छात्रों को निशाना बना रही है। छात्रों ने मांग की है कि यदि जांच में सुरक्षाकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें न सिर्फ सस्पेंड किया जाए बल्कि उनके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी गार्ड किसी छात्र पर हाथ उठाने की हिम्मत न कर सके।
Location : Varanasi
Published : 19 June 2026, 9:48 AM IST
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