IMS-BHU में भर्ती पर बड़ा बवाल! एक ही परिवार को मिली तीन-तीन नौकरी, मचा हड़कंप

आईएमएस-बीएचयू में आउटसोर्सिंग के जरिए हुई 22 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की नियुक्ति, फेल और ग्रेस मार्क्स वाले अभ्यर्थियों के चयन और दस्तावेजों की वैधता को लेकर 6 पेज की शिकायत कुलपति को भेजी गई है। मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है, जबकि संस्थान ने आरोपों को निराधार बताया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 June 2026, 10:50 AM IST
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Varanasi: उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार Institute of Medical Sciences, BHU एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह किसी उपलब्धि से ज्यादा विवाद बन गया है। आउटसोर्सिंग के जरिए हाल ही में हुई 22 पदों की नियुक्तियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला तब तूल पकड़ गया जब कुलपति को भेजी गई 6 पेज की शिकायत में भर्ती प्रक्रिया पर नियमों की अनदेखी, परिवारवाद और दस्तावेजों की वैधता को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।

आउटसोर्सिंग भर्ती में चयन प्रक्रिया पर सवाल

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि IMS-BHU में कंप्यूटर स्किल्ड वर्कर, कंप्यूटर प्रोफेशनल, एसी मैकेनिकल, बॉडी लिफ्टर, ऑडियोमेट्री एवं स्पीच थेरेपी और ओटी टेक्नीशियन जैसे कुल 22 पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्तियां की गईं। लेकिन इन नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कई पदों पर ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया गया जिनकी शैक्षणिक योग्यता या तो न्यूनतम मानकों से मेल नहीं खाती या फिर उनके पास योग्यता पूरी तरह संदिग्ध है।

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एक ही परिवार पर चयन का आरोप

शिकायत में सबसे बड़ा और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों को नौकरी दी गई है। बताया गया कि एक भाई को कंप्यूटर स्किल्ड वर्कर पद पर नियुक्त किया गया, जबकि उसकी दो बहनों को कंप्यूटर प्रोफेशनल पद पर तैनात किया गया है। इस आरोप के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप यह भी है कि यह चयन किसी पारदर्शी प्रक्रिया के बजाय विशेष प्रभाव या सिफारिश के आधार पर किया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

फेल और ग्रेस मार्क्स वाले चयन पर भी विवाद

शिकायत में एक और गंभीर दावा किया गया है कि बॉडी लिफ्टर जैसे पद, जिसकी न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल निर्धारित है, पर एक ऐसे अभ्यर्थी का चयन किया गया जो परीक्षा में फेल था। इसके अलावा तीन अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स के आधार पर पास दिखाकर भर्ती में शामिल करने का भी आरोप लगाया गया है। यह आरोप सामने आने के बाद शिक्षा और भर्ती मानकों की सख्ती पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसे चयन न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि संस्थान की विश्वसनीयता पर भी असर डालते हैं।

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दस्तावेजों की वैधता पर उठे सवाल

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कई चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की वैधता संदिग्ध है। आरोप लगाया गया है कि दस्तावेजों का सही तरीके से सत्यापन नहीं किया गया या फिर सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सके।

शिकायत और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

गोरखपुर निवासी प्रदीप द्वारा यह 6 पेज की शिकायत ईमेल के माध्यम से कुलपति को भेजी गई है और इसकी प्रति संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। शिकायत सामने आने के बाद संस्थान प्रशासन की प्रतिक्रिया भी आई है। Institute of Medical Sciences, BHU के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया निर्धारित समिति की निगरानी में पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है और सभी दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की जांच होती है तो संस्थान उसका नियमों के तहत पूरा जवाब देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग संस्थान की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

Location :  Varanasi

Published :  12 June 2026, 10:50 AM IST

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