हिंदी
साइलेंट एयरपोर्ट बनेगा वाराणसी
Varanasi: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों का अनुभव जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। अगस्त 2026 से एयरपोर्ट को ‘साइलेंट एयरपोर्ट’ के रूप में संचालित किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि टर्मिनल परिसर में उड़ानों से संबंधित नियमित ऑडियो अनाउंसमेंट बंद कर दिए जाएंगे और उनकी जगह अत्याधुनिक डिजिटल सूचना प्रणाली काम करेगी। एयरपोर्ट प्रशासन इसके लिए नई तकनीक से लैस 52 फ्लाइट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (FIDS) स्थापित कर रहा है। 31 जुलाई तक पूरा प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को उड़ानों की जानकारी के लिए बार-बार अनाउंसमेंट सुनने या एयरलाइन काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एयरपोर्ट परिसर में लगी एलईडी स्क्रीन पर फ्लाइट का पूरा स्टेटस रीयल टाइम में दिखाई देगा। यात्री स्क्रीन पर आगमन और प्रस्थान का समय, बोर्डिंग गेट, चेक-इन काउंटर, गेट नंबर, फ्लाइट डिले, कैंसिलेशन और अन्य जरूरी सूचनाएं देख सकेंगे।
नई व्यवस्था का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। एयरपोर्ट पर किसी को छोड़ने या लेने आने वाले लोग भी टर्मिनल परिसर में लगी स्क्रीन के जरिए फ्लाइट का ताजा स्टेटस देख सकेंगे। इससे यात्रियों और उनके परिजनों को अनावश्यक प्रतीक्षा और भ्रम की स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है।
फ्लाइट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (FIDS) एक कंप्यूटर आधारित तकनीक है, जो एयरपोर्ट पर उड़ानों की सभी जानकारियों को रीयल टाइम में प्रदर्शित करती है। यह सिस्टम लगातार अपडेट होता रहता है और यात्रियों को सटीक जानकारी उपलब्ध कराता है। स्क्रीन पर फ्लाइट के लैंड होने, बोर्डिंग शुरू होने, देरी होने या रद्द होने जैसी सूचनाएं तुरंत दिखाई देती हैं।
एयरपोर्ट पर लगाए जा रहे नए FIDS सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित होंगे। इन डिस्प्ले बोर्डों पर जानकारी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को फ्लाइट संबंधी जानकारी समझने में आसानी होगी और एयरपोर्ट संचालन भी अधिक व्यवस्थित होगा।
फिलहाल वाराणसी एयरपोर्ट पर 43 फ्लाइट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम कार्यरत हैं, लेकिन पुरानी तकनीक और सीमित क्षमता के कारण इन्हें बदला जा रहा है। नई प्रणाली एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत स्थापित की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक नई तकनीक पहले की तुलना में अधिक उड़ानों की जानकारी एक साथ प्रदर्शित कर सकेगी और यात्रियों को बेहतर डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराएगी।
वाराणसी एयरपोर्ट पर साइलेंट एयरपोर्ट मॉडल लागू होने के बाद यात्रियों को शांत, व्यवस्थित और तकनीक आधारित यात्रा अनुभव मिलेगा। माना जा रहा है कि यह पहल देश के अन्य एयरपोर्टों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।
Location : Varanasi
Published : 11 June 2026, 4:37 PM IST