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New Delhi: Fuel की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब देश के विमानन क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते परिचालन खर्च के चलते Airlines कंपनियां उड़ानों में कटौती करने पर विचार कर रही हैं। इसी क्रम में एयर इंडिया ने वाराणसी से दिल्ली जाने वाली अपनी एक नियमित उड़ान को 1 जून से 6 जून तक निरस्त करने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद यात्रियों के सामने यात्रा संबंधी नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
एयर इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, वाराणसी से सुबह 10 बजे दिल्ली के लिए संचालित होने वाली विमान संख्या एआई-1850 को 1 जून से 6 जून तक निरस्त किया गया है। इस उड़ान से प्रतिदिन लगभग 200 यात्री यात्रा करते हैं। कंपनी का कहना है कि यह फैसला फिलहाल अस्थायी है और 7 जून से उड़ान का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
विमानन उद्योग लंबे समय से बढ़ती Fuel लागत के दबाव का सामना कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बढ़ते खर्च के कारण एयर इंडिया अपनी लगभग 22 प्रतिशत घरेलू उड़ानों और इंडिगो करीब 15 प्रतिशत उड़ानों में कटौती कर सकती है। हालांकि इस संबंध में कंपनियों की ओर से आधिकारिक रूप से व्यापक घोषणा नहीं की गई है।
इंडिगो के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल उड़ानों के निरस्तीकरण को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यदि Fuel की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है तो अन्य Airlines भी अपने परिचालन कार्यक्रम में बदलाव कर सकती हैं।
Fuel लागत बढ़ने का सीधा असर हवाई किराए पर भी पड़ा है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, छुट्टियों के मौसम और बढ़ती मांग के बीच कई रूटों पर टिकटों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कुछ मार्गों पर किराया सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उड़ानों में संभावित कटौती और महंगे टिकटों ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। जिन यात्रियों ने आगामी दिनों में यात्रा की योजना बनाई है, वे लगातार Airlines से अपडेट ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Fuel की कीमतों में राहत नहीं मिली तो विमानन क्षेत्र को आने वाले दिनों में और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
Location : New Delhi
Published : 30 May 2026, 11:29 AM IST