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पेट्रोल-डीजल संकट
Maharajganj : महराजगंज में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग रात से ही पेट्रोल पंपों के बाहर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर लोग बिस्तर और चादर लेकर पेट्रोल पंपों के बाहर रात गुजारने को मजबूर हैं, ताकि सुबह तेल मिल सके। जिले में बढ़ते तेल संकट ने आम जनता, किसानों और वाहन चालकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
प्रशासन ने पहले पेट्रोल पंपों के संचालन का समय सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक तय किया था। बाद में हालात को देखते हुए 24 घंटे पेट्रोल पंप खोलने का ऐलान भी किया गया, लेकिन यह व्यवस्था जमीन पर पूरी तरह फेल साबित होती दिख रही है। हालत यह है कि सुबह खुलने वाले कई पेट्रोल पंप दोपहर होते-होते खाली हो जा रहे हैं। जिले के आधे से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर “तेल नहीं है” का बोर्ड लगा दिखाई दे रहा है।
भारत-नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की तस्करी को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीमा पार तेल की अवैध सप्लाई लगातार जारी है और इसे रोकने में पुलिस व प्रशासन नाकाम साबित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि तस्करी की वजह से जिले में तेल संकट और ज्यादा गहरा गया है।
तेल की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। किसान गैलन लेकर पेट्रोल पंपों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा। सिंचाई और खेती-किसानी के काम प्रभावित होने लगे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई किसान घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ वापस लौट रहे हैं।
Location : Maharajganj
Published : 27 May 2026, 8:54 PM IST