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स्पीडबोट हादसे पर प्रशासन ने उठाया सख्त कदम
Gorakhpur: रामगढ़ताल परियोजना के नया सवेरा (नौकायन केंद्र) पर 26 जुलाई 2026 को हुई स्पीडबोट दुर्घटना के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।
हादसे की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। साथ ही जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रामगढ़ताल के सभी अधिकृत प्लेटफॉर्मों से स्पीडबोट और मोटरबोट संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
रामगढ़ताल स्पीडबोट हादसे पर बड़ा एक्शन
जीडीए के उपाध्यक्ष के निर्देश पर गठित समिति की अध्यक्षता विशेष कार्याधिकारी प्रखर उत्तम (पीसीएस) करेंगे। समिति में वित्त नियंत्रक एस.के. कुशवाहा, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह और जनसंपर्क अधिकारी यशवंत सिंह को सदस्य बनाया गया है।
समिति को दुर्घटना के कारणों, सुरक्षा मानकों में हुई संभावित चूक और जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की जांच कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि रामगढ़ताल परियोजना के नौकायन केंद्र पर स्पीडबोट और मोटरबोट संचालन ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से अधिकृत एजेंसियों को आवंटित किया जाता है। वर्तमान में प्लेटफॉर्म संख्या-01 और 04 का संचालन ललित इंटरप्राइजेज, प्लेटफॉर्म संख्या-05 का संचालन ई-सिटी बाइस्कोप तथा प्लेटफॉर्म संख्या-06 का संचालन संध्या कंस्ट्रक्शन के पास है।
अनुबंध की शर्तों के अनुसार नौकाओं की फिटनेस बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होती है। वहीं, प्राधिकरण के अभियंताओं द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। इसके अलावा केवल वैध लाइसेंसधारी चालकों को ही बोट संचालन की अनुमति दी जाती है।
हादसे के बाद जीडीए ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। अब अलग-अलग गतिविधियों और जेटियों के लिए पृथक नौकायन क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे तथा प्रकाशयुक्त संकेतकों से सुरक्षित रूट चिन्हित किए जाएंगे।
इसके अलावा झील में एआई-सक्षम कैमरे लगाए जाएंगे, जो तेज गति, असुरक्षित नौवहन, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश और अन्य नियम उल्लंघनों की रियल टाइम निगरानी करेंगे। सूर्यास्त के बाद स्पीडबोट और मोटर चालित तेज गति वाले जलयानों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केवल अनुमोदित कम गति या गैर-मोटर चालित नौकाओं को निर्धारित समय में संचालन की अनुमति दी जाएगी।
कानून-व्यवस्था, नियमित गश्त, आपातकालीन प्रतिक्रिया, बचाव कार्य और नौकायन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी के लिए रामगढ़ताल में स्थायी जल पुलिस चौकी स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।
जीडीए का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
Location : Gorakhpur
Published : 28 July 2026, 6:29 AM IST