बॉर्डर के एक छोटे से कस्बे से निकला लड़का, जिसने बाहुबल से पूरे देश को चौंकाया; अब दुनिया फतह करने की तैयारी!

महराजगंज के सोनौली निवासी दीपांशु जायसवाल ने भोपाल में आयोजित 48वीं राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप (80-90 किलो वर्ग) में स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल चैंपियन का खिताब हासिल किया है। उनका चयन एशियन व अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए भी हुआ है। विधायक ऋषि त्रिपाठी ने उनके घर जाकर उन्हें सम्मानित किया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 June 2026, 9:28 AM IST
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Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के अंतर्गत आने वाले भारत-नेपाल सीमावर्ती कस्बे सोनौली में जश्न का माहौल है। यहाँ के एक होनहार और संघर्षशील युवा खिलाड़ी दीपांशु जायसवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता हासिल कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। दीपांशु ने भोपाल में आयोजित 48वीं राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग (पंजालड़ा) चैंपियनशिप 2026 में देश भर के दिग्गजों को धूल चटाते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकती।

विधायक ऋषि त्रिपाठी ने घर पहुंचकर किया सम्मानित

दीपांशु जायसवाल की इस अभूतपूर्व कामयाबी की गूंज जैसे ही इलाके में फैली, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। इसी कड़ी में नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ऋषि त्रिपाठी गुरुवार देर शाम अचानक दीपांशु के सोनौली स्थित आवास पर पहुंचे। विधायक ने राष्ट्रीय चैंपियन को फूल-माला पहनाई, अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान भावुक हुए परिजनों को बधाई देते हुए विधायक ने कहा कि दीपांशु जैसी खेल प्रतिभाओं पर पूरे समाज को गर्व है और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए वह हर संभव सरकारी और व्यक्तिगत सहयोग सुनिश्चित करेंगे।

भोपाल में दमदार प्रदर्शन, अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर चुनौती

यह प्रतिष्ठित 48वीं राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित एक विश्वविद्यालय परिसर में 5 से 8 जून तक आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से आए बेहतरीन आर्म रेसलर्स ने हिस्सा लिया था। दीपांशु जायसवाल ने 80 से 90 किलोग्राम के 'राइट हैंड' (दाहिने हाथ) वर्ग में अपनी ताकत और बेजोड़ तकनीक का लोहा मनवाया। उन्होंने एक के बाद एक सभी कड़े मुकाबलों में एकतरफा जीत दर्ज कर नेशनल चैंपियन बनने का गौरव पाया। इस स्वर्णिम सफलता के बाद अब दीपांशु का चयन आगामी एशियन और अंतरराष्ट्रीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिताओं के लिए भी हो गया है, जहां वह तिरंगे का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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बिना पेशेवर कोच और आधुनिक जिम के बनाई जगह

 दीपांशु की इस जीत के पीछे छुपा संघर्ष बेहद प्रेरणादायक है। सूत्रों के मुताबिक, सीमावर्ती क्षेत्र सोनौली में आर्म रेसलिंग (पंजा लड़ाने) जैसे खेल के लिए कोई पेशेवर एकेडमी या अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक जिम उपलब्ध नहीं था। दीपांशु ने बिना किसी बड़े कोच के, इंटरनेट पर मौजूद अंतरराष्ट्रीय मैचों के वीडियो देखकर खुद ही तकनीक सीखी और घर पर ही पारंपरिक उपकरणों से कड़ा अभ्यास किया। सीमित वित्तीय संसाधनों और डाइट की दिक्कतों के बावजूद उनका राष्ट्रीय चैंपियन बनना देश के उन लाखों ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो सुविधाओं की कमी का रोना रोते हैं।

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क्षेत्रवासियों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर

दीपांशु की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देने वालों में स्थानीय समाजसेवियों और खेल प्रेमियों की लंबी फेहरिस्त है। मनोनीत सभासद रवि वर्मा, नवज्योति स्कॉलर एकेडमी के प्रधानाचार्य शिरीष पांडे सहित नीरज जायसवाल, प्रेम जायसवाल, लोकेंद्र जायसवाल, हरेंद्र जायसवाल और बिन्नू खान समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उनके घर पहुंचकर खुशी साझा की। सभी ने देश के इस नए चैंपियन के उज्ज्वल भविष्य और आगामी एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

Location :  Maharajganj

Published :  19 June 2026, 9:28 AM IST

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