हिंदी
हार्ट अटैक से 24 से 48 घंटे पहले शरीर कई चेतावनी संकेत देता है। असामान्य थकान, सीने में दबाव, सांस लेने में तकलीफ और ठंडा पसीना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय रहते जांच कराना जान बचा सकता है।
हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है चेतावनी (Img- Internet)
New Delhi: दिल का दौरा अक्सर अचानक होने वाली घटना माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर पहले ही कई संकेत देने लगता है। बड़े हार्ट अटैक से 24 से 48 घंटे पहले तक शरीर चेतावनी के लक्षण दिखा सकता है। इस अवधि को मेडिकल भाषा में “प्रोड्रोमल विंडो” कहा जाता है। दुर्भाग्य से, लोग इसे सामान्य थकान, गैस या हल्की परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार इस समय दिल तक खून की आपूर्ति प्रभावित होने लगती है। पूरी तरह ब्लॉकेज भले न हुआ हो, लेकिन दिल पर दबाव बढ़ जाता है। यदि इसी चरण में मरीज डॉक्टर से संपर्क कर ले, तो गंभीर नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सबसे शुरुआती संकेतों में से एक है अचानक और असामान्य थकान। यह सामान्य थकावट जैसी नहीं होती। कई मरीज बताते हैं कि हल्की-सी गतिविधि, जैसे कुछ कदम चलना या छोटा काम करना भी बेहद थका देता है। अगर बिना कारण लगातार थकान महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
हार्ट अटैक से पहले सीने में दर्द हमेशा तेज नहीं होता। कई बार यह भारीपन, दबाव, जकड़न या हल्की जलन के रूप में महसूस होता है। चूंकि यह आराम करने पर कुछ समय के लिए ठीक हो जाता है, लोग इसे एसिडिटी या मांसपेशियों के खिंचाव की समस्या समझ लेते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।
हार्ट अटैक (Img- Internet)
यदि आराम की स्थिति में भी सांस लेने में दिक्कत हो, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। इसका मतलब हो सकता है कि दिल शरीर तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पा रहा। कई बार दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े, ऊपरी पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से तक फैल सकता है। महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में ये लक्षण अधिक जटिल हो सकते हैं।
अचानक ठंडा पसीना आना, चक्कर आना, मतली महसूस होना या बिना वजह घबराहट होना भी हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। कई मरीजों को ऐसा महसूस होता है कि “कुछ गड़बड़ होने वाला है।” शरीर के इस अलार्म को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नींबू के छिलके के फायदे: जानें कैसे यह हेल्थ को करेगा बेहतर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए और तुरंत चिकित्सा सलाह ली जाए, तो जान बचाई जा सकती है। इसलिए शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।