प्यार का जश्न या FOMO की मजबूरी? जानें क्यों वैलेंटाइन डे कुछ लोगों के लिए बन रहा बड़ा प्रेशर

वैलेंटाइन डे कुछ लोगों के लिए खुशी नहीं बल्कि FOMO और दबाव क्यों बन जाता है? जानिए कैसे सोशल मीडिया, तुलना और रिश्तों की परफेक्ट इमेज प्यार को तनाव में बदल रही है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 10 February 2026, 5:15 PM IST
google-preferred

New Delhi: वैलेंटाइन डे का नाम सुनते ही सोशल मीडिया पर दिल, फूल, कपल फोटोज और परफेक्ट डेट की तस्वीरें छा जाती हैं। लेकिन हर किसी के लिए यह दिन रोमांस और खुशी का नहीं होता। कई लोगों के लिए वैलेंटाइन डे धीरे-धीरे एक ऐसा दिन बन गया है, जो प्यार से ज्यादा दबाव और FOMO (Fear of Missing Out) पैदा करता है।

आज के डिजिटल दौर में जब हर तरफ “परफेक्ट लव स्टोरी” दिखाई जाती है, तब बहुत से लोग खुद को पीछे छूटता हुआ महसूस करने लगते हैं।

क्या है FOMO वाला प्यार?

FOMO वाला प्यार वह स्थिति है, जब कोई इंसान सच में किसी रिश्ते में होना नहीं चाहता, बल्कि सिर्फ इसलिए चाहता है क्योंकि उसे लगता है कि वह कुछ मिस कर रहा है। वैलेंटाइन डे पर यह भावना और तेज हो जाती है।

  • “सबके पास पार्टनर है, मेरे पास क्यों नहीं?”
  • “अगर मैं सिंगल हूं, तो क्या मुझमें कोई कमी है?”

ऐसे सवाल मन में दबाव पैदा करते हैं, जो खुशी को चिंता में बदल देते हैं।

सोशल मीडिया क्यों बढ़ा रहा है दबाव?

वैलेंटाइन वीक में इंस्टाग्राम और फेसबुक कपल पोस्ट्स से भर जाते हैं। महंगे गिफ्ट्स, सरप्राइज डेट्स और रोमांटिक कैप्शन देखकर ऐसा लगता है जैसे यही प्यार का सही पैमाना है। असल में यह सिर्फ हाइलाइट रील होती है, पूरी सच्चाई नहीं। लेकिन तुलना करने की आदत लोगों को यह महसूस करा देती है कि उनका जीवन अधूरा है।

सिंगल होना क्यों बन जाता है “प्रॉब्लम”?

हमारे समाज में वैलेंटाइन डे ने सिंगल होने को जैसे एक कमी बना दिया है।

कई लोग इस दिन सवालों और तानों से भी जूझते हैं।

  • “अब तक कोई मिला नहीं?”
  • “इस बार भी अकेले?”

यह सब बातें आत्मविश्वास को धीरे-धीरे कमजोर करती हैं और व्यक्ति खुद पर शक करने लगता है।

Valentines Day: इश्क में दिवाने ने लाखों लुटाये और दिये महंगे उपहार, जानिये बदले में क्या किया गर्लफ्रेंड ने

रिश्ते में होते हुए भी खुश क्यों नहीं होते लोग?

FOMO का असर सिर्फ सिंगल लोगों तक सीमित नहीं है।

कई कपल्स भी वैलेंटाइन डे पर खुश नहीं होते, क्योंकि उन पर “परफेक्ट दिखने” का दबाव होता है।

  • महंगा गिफ्ट देना
  • खास डेट प्लान करना
  • सोशल मीडिया पर सब कुछ सही दिखाना

इस दबाव में रिश्ता एंजॉय करने की बजाय एक जिम्मेदारी बन जाता है।

प्यार का मतलब सिर्फ एक दिन नहीं

असल प्यार किसी एक तारीख का मोहताज नहीं होता।
प्यार वो है जो रोज़ के छोटे पलों में दिखता है-
बातें करना, साथ समय बिताना, एक-दूसरे को समझना। वैलेंटाइन डे को जिंदगी का पैमाना बना लेना खुद के साथ नाइंसाफी है।

Valentines Day 2026: वेलेंटाइन डे का नाम आखिर वेलेंटाइन क्यों पड़ा, पढ़ें वेलेंटाइन डे से जुड़ी यह रोचक कहानी

FOMO से कैसे बचें?

  • सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाएं
  • अपनी लाइफ की तुलना दूसरों से न करें
  • सिंगल होने को “फेलियर” न मानें
  • खुद के साथ समय बिताना सीखें

याद रखें, अकेले होना और अकेलापन दो अलग चीजें हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 10 February 2026, 5:15 PM IST

Advertisement
Advertisement