हर 2-3 घंटे में खाने की आदत पड़ सकती है भारी, बढ़ सकता है वजन और हो सकता है ये खतरा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर 2-3 घंटे में बार-बार खाना हमेशा फायदेमंद नहीं होता। इससे अनजाने में ज्यादा कैलोरी, वजन बढ़ना और इंसुलिन लेवल असंतुलित हो सकता है। लगातार स्नैकिंग से पाचन पर असर पड़ता है और शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।

Updated : 17 May 2026, 4:00 PM IST
google-preferred

New Delhi: कई सालों तक यह धारणा रही कि हर 2-3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाना शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इसे फिटनेस और वजन कंट्रोल का आसान तरीका माना गया। ऑफिस जाने वाले लोग स्नैक बॉक्स साथ रखते थे और जिम करने वाले लोग बीच-बीच में प्रोटीन बार या हेल्दी स्नैक्स लेते थे। माना जाता था कि इससे मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और दिनभर एनर्जी बनी रहती है।

लेकिन अब न्यूट्रिशन साइंस इस सोच को नए नजरिए से देख रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ खाने की फ्रीक्वेंसी पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुल कैलोरी और खाने की गुणवत्ता ज्यादा महत्वपूर्ण है।

मेटाबॉलिज्म बूस्ट का मिथक

एक्सपर्ट्स के अनुसार यह मानना पूरी तरह सही नहीं है कि बार-बार खाने से मेटाबॉलिज्म तेजी से बढ़ता है। समस्या तब बढ़ती है जब लोग स्नैकिंग के दौरान पैकेज्ड फूड, बिस्किट, मीठी ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड चीजों का सेवन करते हैं। ये छोटे-छोटे स्नैक्स धीरे-धीरे दिनभर में बड़ी मात्रा में कैलोरी जोड़ देते हैं, जिसका अंदाजा लोगों को नहीं होता।

Lifestyle News: रोजमर्रा की कुछ आदतें कर सकती हैं लिवर को मजबूत, जानें कौन सी लाइफस्टाइल बदलनी है जरूरी

बिना ध्यान दिए बढ़ती कैलोरी और वजन

बार-बार खाने की आदत से कई बार व्यक्ति अनजाने में अधिक कैलोरी ले लेता है। चाय के साथ बिस्किट, काम के दौरान चिप्स, कॉफी ब्रेक या जिम के बाद प्रोटीन बार—ये सभी मिलकर सैकड़ों अतिरिक्त कैलोरी जोड़ सकते हैं। यही कारण है कि कई लोग हेल्दी डाइट फॉलो करने के बावजूद वजन बढ़ने की शिकायत करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार खाने से लोग असली भूख और आदत के बीच फर्क करना भूल जाते हैं। कई बार खाना भूख की वजह से नहीं, बल्कि बोरियत, तनाव या आदत के कारण भी होता है।

शरीर पर असर: इंसुलिन और पाचन पर दबाव

डीटी पारुल यादव, चीफ डाइटीशियन, मरेंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम के अनुसार लगातार खाने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बार-बार बढ़ता रहता है। जब हम मीठा या रिफाइंड फूड खाते हैं, तो ब्लड शुगर बढ़ता है और शरीर इंसुलिन रिलीज करता है।

अगर यह प्रक्रिया पूरे दिन चलती रहे, तो इंसुलिन का स्तर लगातार ऊंचा रह सकता है, जिससे लंबे समय में इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैट बर्न करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा पाचन तंत्र को भी आराम की जरूरत होती है। लगातार खाने से ब्लोटिंग, भारीपन और कम भूख जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Lifestyle News: हर मौसम में चलने वाले फैशन ट्रेंड्स, जो कभी आउट ऑफ स्टाइल नहीं होते

संतुलित भोजन पर जोर

विशेषज्ञों के अनुसार प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर संतुलित भोजन अधिक देर तक पेट भरा रखता है और शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। लगातार स्नैकिंग की बजाय सही समय पर संतुलित भोजन लेना ज्यादा लाभकारी माना जाता है।

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें।

Location :  New Delhi

Published :  17 May 2026, 4:00 PM IST

Advertisement