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हाई ब्लड प्रेशर बन सकता है हार्ट अटैक की वजह (Img: google)
Health Update: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और मानसिक तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक आम समस्या बन चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ हाई ब्लड प्रेशर को एक साइलेंट किलर मानते हैं, क्योंकि कई बार इसके लक्षण लंबे समय तक सामने नहीं आते और यह शरीर के भीतर ही भीतर अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाता रहता है। जब शरीर का ब्लड प्रेशर लगातार हाई रहता है, तो दिल को खून पंप करने के लिए जरूरत से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे दिल की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है और समय के साथ हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नई दिल्ली स्थित पीएसआरआई हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ. रवि प्रकाश बताते हैं कि हाई बीपी कैसे हार्ट अटैक की वजह बनता है और इसके शुरुआती संकेत क्या हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हमारी धमनियों को अंदरूनी रूप से कमजोर और क्षतिग्रस्त कर देता है। धमनियों के डैमेज होने के कारण उनमें धीरे-धीरे फैट, कैल्शियम और कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, जिसे मेडिकल भाषा में एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। इस स्थिति की वजह से धमनियां बेहद संकरी और सख्त हो जाती हैं, जिससे दिल तक ऑक्सीजन और खून की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पाती है। जब दिल की मांसपेशियों तक खून का यह बहाव पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है, तो दिल का वह हिस्सा काम करना बंद कर देता है, जिसके कारण अचानक हार्ट अटैक आ जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी बढ़ने पर शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है, जिन्हें मामूली समझकर टालना जानलेवा हो सकता है। इसमें सबसे प्राथमिक लक्षण छाती में लगातार दबाव, जकड़न या सीने में तेज दर्द महसूस होना है। कई बार यह दर्द केवल सीने तक ही सीमित नहीं रहता है, बल्कि बाएं हाथ, जबड़े, गर्दन, कंधे या पीठ की तरफ भी फैलने लगता है। इसके अलावा बिना कोई भारी काम किए अचानक सांस फूलने लगना, बहुत ज्यादा कमजोरी व थकान महसूस होना, अचानक सिर चकराना, अत्यधिक पसीना आना और दिल की धड़कन का अचानक बहुत तेज हो जाना भी इसी के मुख्य लक्षण हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
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यह जानना बेहद जरूरी है कि महिलाओं और बुजुर्गों में हार्ट अटैक के पारंपरिक लक्षण, जैसे सीने में तेज दर्द, हमेशा दिखाई नहीं देते हैं। उनमें इसके संकेत काफी अलग और भ्रामक हो सकते हैं जो अक्सर सामान्य बीमारियों की तरह लगते हैं। महिलाओं में अचानक तेज बेचैनी या घबराहट होना, मतली आना, जी मिचलाना, उल्टी या अपच जैसी पेट की समस्या महसूस होना इसके बड़े संकेत हैं। इसके साथ ही अचानक चक्कर खाकर गिरना या सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होना भी इसमें शामिल है। अक्सर महिलाएं इन लक्षणों को सामान्य गैस या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जो कि बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लंबे समय से बढ़ा हुआ है और साथ ही उसे कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हैं, तो हार्ट अटैक का खतरा कई गुना अधिक हो जाता है। उदाहरण के लिए डायबिटीज की समस्या धमनियों को और ज्यादा संकरा कर देती है, जिससे खून का थक्का जमने का डर रहता है। इसके अलावा मोटापा, भोजन में अत्यधिक तेल, मैदा और जंक फूड का सेवन, धूम्रपान और शराब की आदत नसों को सिकोड़कर ब्लड प्रेशर तुरंत बढ़ा देती हैं। इन सब के साथ ही आज के समय में अत्यधिक मानसिक तनाव भी सीधे तौर पर दिल की कार्यप्रणाली को बुरी तरह प्रभावित करता है।
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हाई बीपी और हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में तुरंत सुधार करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सबसे पहले समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक कराते रहें ताकि डॉक्टरों की सलाह से समय पर दवाइयां शुरू हो सकें। अपने दैनिक आहार में नमक का सेवन बेहद सीमित कर दें और खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और साबुत अनाज शामिल करें। इसके साथ ही दिल को मजबूत रखने के लिए रोजाना कम से कम आधे घंटे की वॉक, योग या एक्सरसाइज जरूर करें। यदि कभी भी आपको या आपके आसपास किसी को अचानक सीने में तेज दबाव, सांस लेने में असमर्थता या असामान्य बेचैनी महसूस हो, तो तुरंत बिना एक पल गंवाए डॉक्टर या नजदीकी कार्डियक सेंटर से संपर्क करें क्योंकि समय पर मिला इलाज ही इस स्थिति में जान बचा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 17 May 2026, 3:35 PM IST