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सैकड़ों ग्रामीणों की पैदल रैली
Saraikela: सरायकेला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में एक अधूरी सड़क अब लोगों के लिए मुसीबत ही नहीं, बल्कि गुस्से की वजह बन चुकी है। लंबे समय से निर्माण अधूरा पड़े रहने से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और वे सड़कों पर उतर आए। चिलचिलाती धूप में सैकड़ों लोग एकजुट होकर पैदल रैली निकालते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए।
यह पूरा विरोध प्रदर्शन चैनपुर से शुरू होकर चांडिल प्रखंड सह अंचल कार्यालय तक पहुंचा। ग्रामीण आंदोलनकारी एकता मंच के बैनर तले निकाली गई इस रैली में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा शामिल हुए। रैली के दौरान लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “सुरक्षित सड़क हमारा अधिकार” और “अधूरी सड़क नहीं चलेगी” जैसे नारे लिखे हुए थे।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क लंबे समय से अधूरी पड़ी है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब सड़क कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती है। लोगों का आरोप है कि इस लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
प्रदर्शन के दौरान अंचल अधिकारी प्रदीप महतो को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि उन्हें पैदल ही कार्यालय तक जाना पड़ा। कार्यालय परिसर के बाहर ग्रामीणों ने सभा आयोजित की, जहां वक्ताओं ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और जल्द कार्रवाई की मांग की।
सभा के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगला कदम सड़क जाम करना होगा और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक सड़क पूरी नहीं बनती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि अधूरे पड़े निर्माण कार्य को तुरंत शुरू कराया जाए और समय सीमा तय कर इसे पूरा किया जाए। उनका कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके अधूरे रहने से पूरे इलाके का विकास प्रभावित हो रहा है।
Location : Saraikela
Published : 15 April 2026, 2:47 PM IST