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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें पंजाब के तीन युवक और एक नाबालिग शामिल है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई के इशारे पर राजधानी लखनऊ में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। उनके निशाने पर सेना और पुलिस के प्रतिष्ठान के साथ सुरक्षाकर्मी भी थे। एटीएस ने आरोपियों के कब्जे से एक विदेशी पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए हैं।
यूपी एटीएस को इनपुट मिला था कि शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े पंजाब के कुछ युवक देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं। जांच में पता चला कि गगनदीप सिंह और उसके कुछ साथी इस नेटवर्क के सक्रिय सदस्य राना भाई के संपर्क में हैं।
हैंडलर के निर्देश पर सभी किसी वारदात को अंजाम देने के लिए लखनऊ आ रहे थे। इसके बाद एटीएस की टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगनदीप सिंह, रजत कुमार, क्रिश और एक नाबालिग के रूप में हुई है। सभी पंजाब के अमृतसर के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के निशाने पर सेना या पुलिस के प्रतिष्ठान थे। किसी जवान या अधिकारी की हत्या करने की भी साजिश थी। मामले में गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
एटीएस की जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। इनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ संदिग्ध चैट, संवेदनशील प्रतिष्ठानों के वीडियो और उनकी लोकेशन भेजे जाने से जुड़े सबूत शामिल हैं।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल से ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वे संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचा रहे थे। हथियार पाकिस्तान से भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब हथियार उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 27 अक्टूबर को पंजाब के अमृतसर से दिल्ली होते हुए 29 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे लखनऊ पहुंचे थे। पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई ने उन्हें लखनऊ आने के किराये के लिए 2,585 रुपये भेजे थे।
लखनऊ पहुंचने के बाद आरोपियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाया और उसे पाकिस्तान भेज दिया। वे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए राना भाई के संपर्क में थे।
हैंडलर ने लखनऊ में रहने और खाने-पीने के खर्च के लिए दो दिनों में दो बार 2,500 रुपये भी भेजे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राना भाई ने उन्हें जानकारी दी थी कि हथियार और कारतूस पाकिस्तान से भेजे गए हैं। लखनऊ में हैंडलर के एक स्थानीय साथी ने उन्हें पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराए थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों को भारत में दहशत फैलाने के मकसद से सेना या पुलिस के जवान अथवा अधिकारी की हत्या करने का टास्क दिया गया था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें किसी खास जवान या अधिकारी को निशाना बनाने के निर्देश नहीं थे। जो भी सामने मिलता, उसे गोली मारने की योजना थी। हालांकि, कंधे पर रैंक वाले अधिकारियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।
पाकिस्तानी हैंडलर्स ने चार आरोपियों में से एक को पूरी वारदात का वीडियो बनाने की जिम्मेदारी दी थी। इस वीडियो को पाकिस्तान भेजना था। इसके बदले तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था। एजेंसियों के मुताबिक, वीडियो वायरल कर भारत में दहशत फैलाना इस साजिश का हिस्सा था।
जांच में लखनऊ में आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के मुताबिक, वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।
बताया जा रहा है कि हथियार तस्करों ने उसे पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराए थे। इसके बाद उसने हैंडलर्स के निर्देश पर ये हथियार आरोपियों तक पहुंचाए। जांच एजेंसियों को हथियार नेपाल के रास्ते भारत लाए जाने की जानकारी मिली है। इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए जांच जारी है।
एटीएस के मुताबिक, गिरफ्तार गगनदीप सिंह पंजाब में आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। वहीं, नाबालिग आरोपी पंजाब के एक थाने पर पेट्रोल बम से हमले की घटना में भी शामिल रहा है। इस मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
यूपी एटीएस के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ अब तक एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
लखनऊ से गिरफ्तार चारों संदिग्धों को आगे की पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी है। जांच एजेंसियां पाकिस्तानी हैंडलर्स, स्थानीय सहयोगियों, हथियारों की सप्लाई और पैसों के लेन-देन से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
Location : Lucknow
Published : 31 October 2026, 9:28 AM IST