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शहजाद भट्टी के गुर्गो पर ATS की छापेमारी (Img: AI Generated Image)
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत राज्य के कई जिलों में ATS की टीमों ने एक साथ दबिश दी। दी गई जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में करीब 55 टीमें लगाई गई हैं और कई ठिकानों पर एक साथ जांच की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि हिरासत में लिए गए सभी लोगों की भूमिका अभी जांच का विषय है। एजेंसी की कार्रवाई का मकसद नेटवर्क से जुड़े संभावित स्थानीय संपर्कों और मददगारों तक पहुंचना बताया जा रहा है।
ATS की कार्रवाई का असर पश्चिमी यूपी के कई जिलों में दिखाई दिया। बिजनौर, गाजियाबाद, हापुड़ और सहारनपुर समेत कई इलाकों में टीमें पहुंचीं। इसके अलावा लखनऊ और भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों में भी जांच आगे बढ़ाए जाने की जानकारी है। इस अभियान में केवल संदिग्ध व्यक्तियों पर ही नजर नहीं है, बल्कि उनके संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
छापेमारी के दौरान संदिग्धों के ठिकानों से मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों के साथ दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इन चीजों की जांच से एजेंसियां सोशल मीडिया संपर्कों, बातचीत और दूसरे डिजिटल कनेक्शन की जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती हैं।
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दरअसल, यूपी ATS पहले भी शहजाद भट्टी से जुड़े कथित नेटवर्क के मामलों में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर चुकी है। अगस्त में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, 52 गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ के बाद 150 से अधिक लोगों की पृष्ठभूमि और संभावित संपर्कों की जांच शुरू की गई थी।
इस ताजा कार्रवाई में एजेंसी का फोकस कथित नेटवर्क को मिलने वाली फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय स्तर पर संपर्क रखने वाले लोगों की भूमिका की जांच पर है। सोशल मीडिया के जरिए बनाए गए संपर्क भी जांच का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ऐसे नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर संपर्क रखने वाले लोगों की भूमिका समझना जरूरी होता है। हालांकि किसी व्यक्ति का किसी संदिग्ध से संपर्क मिलना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। हिरासत में लिए गए लोगों की वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर केंद्र सरकार ने 16 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण फैसला लिया था। गृह मंत्रालय ने इस नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क पर सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी और युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर ले जाने के आरोप हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि नेटवर्क ने डिजिटल माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित की।
शहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच में उत्तर प्रदेश पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के फोकस में रहा है। पिछले महीने सामने आई जानकारी के मुताबिक, देशभर में हुई कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश में 62 लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात अधिकारियों ने बताई थी। अलग-अलग राज्यों में हुई कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ा है।
हाल के दिनों में यूपी ATS की टीमें अमरोहा के गजरौला में भी शहजाद भट्टी से कथित संपर्क की जांच के लिए पहुंची थीं। वहां आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर कुछ स्थानों की जांच किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
Location : Lucknow
Published : 3 October 2026, 12:27 PM IST
Topics : Shahzad Bhatti Terror Network UAPA UP ATS