हिंदी
कनिष्क नारायण बने ब्रिटेन के नए एआई मंत्री (सोर्स-एक्स)
New Delhi: ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं का दबदबा एक बार फिर मजबूती के साथ कायम हुआ है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम द्वारा किए गए ताजा कैबिनेट फेरबदल ने यह साबित कर दिया है कि ब्रिटिश हुकूमत में भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के सांसदों का कद लगातार ऊंचा हो रहा है। नई सरकार में युवा चेहरों से लेकर अनुभवी नेताओं तक को अहम और रणनीतिक मंत्रालय सौंपे गए हैं, जिससे लेबर सरकार में विविधता और कार्यक्षमता की एक नई तस्वीर सामने आई है।
इस फेरबदल का सबसे बड़ा आकर्षण बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण की नियुक्ति है। मात्र 12 वर्ष की उम्र में परिवार के साथ वेल्स जाने वाले कनिष्क ने ईटन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। जुलाई 2024 में वेल ऑफ ग्लैमॉर्गन से लेबर पार्टी के सांसद चुने गए कनिष्क ने सितंबर 2025 से विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग में अपनी सेवाएं दीं। अब 20 जुलाई 2026 को उन्हें देश का नवगठित 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस राज्य मंत्री' बनाया गया है। वह कैबिनेट ऑफिस और व्यवसाय, नवाचार, विज्ञान एवं व्यापार विभाग में संयुक्त रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, जो तकनीकी भविष्य के लिहाज से एक बेहद अहम पद है।
यह भी पढ़ें- कारगिल की जंग खत्म हुई, लेकिन वो रातें नहीं… ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने सुनाई दिल दहला देने वाली दास्तां
युवा और ऊर्जावान भारतीय मूल के अन्य सांसदों को भी सरकार में शीर्ष स्तर पर जगह मिली है। साउथैम्पटन टेस्ट सीट से जुलाई 2024 में संसद पहुंचने वाली सतवीर कौर, जिनके माता-पिता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं और साउथैम्पटन में साड़ी की दुकान चलाते थे, को आवास, समुदाय एवं स्थानीय सरकार मंत्रालय में संसदीय अवर सचिव (समानता मंत्री) बनाया गया है। इसके साथ ही वह गृह मंत्रालय में भी संसदीय अवर सचिव के रूप में कार्य करेंगी, जहां उनके जिम्मे सुरक्षा, महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा की रोकथाम और समानता से जुड़े बेहद संवेदनशील मुद्दे होंगे।
वहीं, हडर्सफील्ड से सांसद हरप्रीत उप्पल को 'असिस्टेंट व्हिप' की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संसद में पार्टी के कामकाज का समन्वय करने और मतदान के दौरान पार्टी लाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने में व्हिप की भूमिका बेहद अहम होती है। जुलाई 2024 में सांसद बनने वाली हरप्रीत ने 22 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से यह कार्यभार संभाला है। राजनीति के मैदान में उनका पुराना अनुभव भी रहा है, उन्होंने वर्ष 2017 में एंडी बर्नहम के ग्रेटर मैनचेस्टर मेयर चुनाव अभियान में भी अपनी सेवाएं दी थीं।
इन नियुक्तियों के साथ ही ब्रिटिश सरकार के फ्रंट-बेंच में विविधता का दायरा और व्यापक हो गया है। श्रीलंकाई तमिल मूल की हिंदू सांसद उमा कुमारन को विदेश कार्यालय में जूनियर मंत्री बनाया गया है। इसके बाद अब फ्रंट-बेंच में कुल दो हिंदू और दो सिख मंत्री शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा, लीसा नैंडी (जिनके पिता का जन्म कोलकाता में हुआ था) संस्कृति मंत्री के रूप में कैबिनेट का हिस्सा बनी हुई हैं और अपने पद पर बरकरार हैं।
हर फेरबदल की तरह इस बार भी कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। पूर्व प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर के करीबी माने जाने वाले कुछ वरिष्ठ भारतीय मूल के चेहरों को बैकबेंच पर भेज दिया गया है। इनमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की पूर्व मंत्री सीमा मल्होत्रा और पूर्व जूनियर स्वास्थ्य मंत्री प्रीत कौर गिल शामिल हैं, जिन्हें नई व्यवस्था में सरकार के मुख्य पदों से हटाकर पीछे किया गया है।
Location : New Delhi
Published : 27 July 2026, 10:52 AM IST
No related posts found.