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ईरानी सैन्य सलाहकार मोहसिन रज़ाई (Image Source: Google)
New Delhi: पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसके बुनियादी ढांचे या ऊर्जा संयंत्रों पर हमला किया गया तो इसका जवाब बेहद कठोर होगा।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने कहा कि अब समय नरम जवाब का नहीं रहा है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान का जवाब आंख के बदले आंख नहीं बल्कि आंख के बदले सिर होगा। रजाई के अनुसार, अमेरिका यदि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और वह स्थिति से अपंग होकर निकल सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के पास इस दलदल से बाहर निकलने के लिए अब बहुत कम समय बचा है। ईरानी अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिका को खाड़ी में डुबो दिया जाएगा और उसके क्षेत्रीय प्रभाव को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
ईरानी सैन्य सलाहकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका अगले पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा ढांचे और पावर प्लांट्स पर हमले नहीं करेगा।
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मोहसेन रजाई ने इस निर्णय को मनोवैज्ञानिक युद्धनीति बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम वास्तविक शांति प्रयास नहीं बल्कि ध्यान भटकाने की रणनीति है। उनके अनुसार, ऐसे विरोधाभासी बयान केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करने के लिए दिए जा रहे हैं, लेकिन ईरान इन चालों में आने वाला नहीं है। रजाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका एक ओर बातचीत की बात करता है और दूसरी ओर दबाव बनाने की रणनीति अपनाता है, जो उसकी दोहरी नीति को दर्शाता है।
IRNA को दिए एक टेलीविजन इंटरव्यू में रजाई ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष समाप्त नहीं होगा। उन्होंने तीन प्रमुख शर्तें रखीं जिसमें पहला, युद्ध में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए। दूसरा, ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं। तीसरा, अमेरिका भविष्य में ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की लिखित गारंटी दे।
इस बीच क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पेशकश की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों देशों को बातचीत के लिए इस्लामाबाद आमंत्रित किया है ताकि शांति का रास्ता निकाला जा सके।
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हालांकि ईरान ने ट्रंप के संवाद और बातचीत संबंधी दावों को फर्जी बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि यह केवल बाजार और वैश्विक धारणा को प्रभावित करने की कोशिश है।
Location : New Delhi
Published : 25 March 2026, 2:39 AM IST
Topics : Head for an Eye Iran Iran Israel war Iran US War Updates Iran Warns US Mohsen Rezaei Warning Trump