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डोनाल्ड ट्रंप (Img- Pinterest)
Washington: पिछले छह महीनों से वैश्विक अर्थव्यवस्था और मिडिल ईस्ट की शांति को थामे रखने वाली अमेरिका और ईरान के बीच की जंग अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया भर में कूटनीतिक हलचल तेज कर दी है। ट्रंप का मानना है कि ईरान अब इस युद्ध को लंबे समय तक खींचने की स्थिति में नहीं है और युद्ध जल्द ही समाप्त हो सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की मुख्य प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार न हों। उन्होंने कहा, "मैं लोगों की जान लेने के पक्ष में नहीं हूँ और समझौता करना पसंद करूँगा।" ट्रंप के अनुसार, अमेरिका दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार था, लेकिन ईरान की ओर से बातचीत की पहल के बाद स्थिति में बदलाव आया है।
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केवल बयानबाज़ी ही नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी कूटनीतिक प्रयास रंग लाते दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच एक संभावित अल्पकालिक समझौते (Short-term Draft Deal) पर गंभीर चर्चा चल रही है। कतर के अधिकारी इस मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और बातचीत की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। अगर यह समझौता सिरे चढ़ता है, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी भारी तनाव में बड़ी कमी आएगी।
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उल्लेखनीय है कि इस भीषण संघर्ष की शुरुआत फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों से हुई थी। इसके बाद अप्रैल और जून में छोटे स्तर पर युद्धविराम (Seasefire) भी देखा गया। अब छह महीने बीत जाने के बाद, दोनों पक्ष एक टिकाऊ या अल्पकालिक कूटनीतिक समाधान खोजने की दिशा में बढ़ते नज़र आ रहे हैं।
Location : Washington
Published : 7 August 2026, 9:27 AM IST