US China Relations: चीन के आगे झुका अमेरिका? जानें ट्रंप-शी जिनपिंग की मुलाकात से क्यों सहमी दुनिया

ट्रंप का चीन पर यू-टर्न! दुश्मनी भूल अब व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग का शाही स्वागत करेंगे ट्रंप। टैरिफ से लेकर AI और रेयर अर्थ तक, जानिए इस ऐतिहासिक महा-मुलाकात का असली इनसाइड स्टोरी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 21 September 2026, 8:20 AM IST
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Washington: कभी चीन को अमेरिकी नौकरियां छीनने और कारखाने बंद कराने का गुनहगार बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख अब पूरी तरह बदल चुका है। इस सप्ताह वाशिंगटन में कुछ ऐसा होने जा रहा है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

ट्रंप व्हाइट हाउस में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करने वाले हैं। यही नहीं, उनके लिए एक भव्य स्टेट डिनर भी रखा जा रहा है, जो सम्मान अमेरिका आमतौर पर सिर्फ अपने सबसे करीबी सहयोगियों को ही देता है।

अड़ियल दांव नहीं आया काम

सत्ता में लौटने के बाद ट्रंप ने चीन पर कड़े टैरिफ (शुल्क) लगाए और तकनीक पर भी कई तरह के कड़े प्रतिबंध थोपे। ट्रंप का इरादा दबाव बनाकर चीन को घुटनों पर लाने का था। लेकिन चीन पीछे नहीं हटा, बल्कि उसने अमेरिका की इस आर्थिक रणनीति का मजबूती से मुकाबला किया।

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विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक शुल्क और निर्यात प्रतिबंधों का शुरुआती प्रयास सफल नहीं रहा, जिसके कारण ट्रंप को अपनी नीति बदलनी पड़ी और आक्रामक तेवरों को छोड़कर बातचीत का रास्ता चुनना पड़ा।

रेयर अर्थ और AI का मास्टरस्ट्रोक

चीन ने अमेरिका को झुकने पर मजबूर करने के लिए अपने सबसे शक्तिशाली हथियार यानी 'रेयर अर्थ' (दुर्लभ खनिज) का इस्तेमाल किया। इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक सैन्य हथियारों को बनाने के लिए इन खनिजों की जरूरत होती है और वैश्विक आपूर्ति पर चीन का वर्चस्व है।

इसके साथ ही चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ट्रंप को यह समझ आ गया कि केवल दबाव बनाकर चीन से नहीं जीता जा सकता।

सहयोगियों से अनबन, चीन को फायदा

ट्रंप के इस यू-टर्न की एक बड़ी वजह उनके अपने सहयोगियों से बिगड़े संबंध भी हैं। यूरोपीय संघ, नाटो और कनाडा के साथ ट्रंप के मतभेदों ने चीन को कूटनीतिक बढ़त बनाने का मौका दे दिया।

पश्चिमी देश अब अमेरिका से परे हटकर चीन के साथ अपने संबंधों को स्थिर करने में जुटे हैं। इस बदलते वैश्विक संतुलन को देखते हुए ट्रंप ने व्यापार युद्ध को खींचने के बजाय शी जिनपिंग से सीधा संवाद कायम करना ही अपनी समझदारी समझी।

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दोस्ती का नया अध्याय या सिर्फ रणनीति?

गुरुवार को वाशिंगटन पहुंच रहे शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच व्यापार, तकनीक, दुर्लभ खनिज और AI जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सीधी चर्चा होगी। ट्रंप अब सार्वजनिक मंचों से शी जिनपिंग को 'महान व्यक्ति' कह रहे हैं और अपने मजबूत संबंधों की तारीफ कर रहे हैं।

हालांकि, यह देखना बाकी है कि यह बदला हुआ रवैया सिर्फ कूटनीतिक मजबूरी है या फिर दोनों महाशक्तियों के बीच किसी बड़े वैश्विक आर्थिक समझौते की शुरुआत।

Location :  Washington

Published :  21 September 2026, 8:20 AM IST

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