18 महीने जेल, विधायक की कुर्सी और समाजवादी आंदोलन… सुरेश यादव की कहानी छोड़ गई गहरी छाप

देवरिया के सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेता सुरेश यादव का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। आपातकाल के दौरान जेल जाने से लेकर विधायक बनने तक उनका राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 7 August 2026, 11:42 PM IST
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Deoria : देवरिया की राजनीति में एक बड़े नाम और समाजवादी आंदोलन के संघर्षशील चेहरे सुरेश यादव का निधन हो गया है। 85 वर्षीय पूर्व विधायक ने शुक्रवार रात करीब 9 बजे अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे सुरेश यादव पिछले चार दिनों से देवरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक क्षेत्र तक शोक की लहर फैल गई।

1989 में जनता दल के टिकट पर पहुंचे थे विधानसभा

सुरेश यादव ने वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। हालांकि विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही सदन भंग हो गया था और 1991 के चुनाव में उन्हें पार्टी का टिकट नहीं मिल सका।

इसके बाद भी उन्होंने राजनीति से दूरी नहीं बनाई और समाजवादी विचारधारा के साथ लगातार जुड़े रहे। पूर्वांचल में संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। उन्होंने एक बार सलेमपुर लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी।

अखिलेश यादव ने जताया दुख

सुरेश यादव के निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने फोन पर परिजनों से बातचीत कर अपनी संवेदनाएं साझा कीं।

सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन को समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति बताया।

आपातकाल में 18 महीने रहे जेल में

सुरेश यादव का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा। वर्ष 1975 में जब देश में आपातकाल लागू हुआ, उस समय वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के जिला मंत्री थे। आपातकाल के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

बताया जाता है कि उन पर रेलवे लाइन उखाड़ने की साजिश का आरोप लगाया गया था। पहले शांतिभंग और बाद में डीआईआर के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल में रखा गया। करीब 18 महीने बाद वह रिहा हुए। इस संघर्ष ने उन्हें समाजवादी राजनीति में अलग पहचान दिलाई।

मुलायम परिवार से रहे करीबी रिश्ते

सुरेश यादव के समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार से लंबे समय तक करीबी संबंध रहे। उन्होंने पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी के विस्तार में सक्रिय योगदान दिया।

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उनके पुत्र ओम प्रकाश यादव वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं। हाल ही में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव भी उनका हालचाल जानने उनके आवास पहुंचे थे।

पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

पूर्व विधायक के निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सपा सांसद रमाशंकर राजभर, पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद, स्वामीनाथ, आशुतोष उपाध्याय सहित कई नेताओं ने उनके योगदान को याद किया।

Location :  Deoria

Published :  7 August 2026, 11:41 PM IST

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