ISS के बाहर गूंजा भारतीय मूल के Anil Menon का नाम, 6.5 घंटे के पहले ही स्पेसवॉक से बदल दी स्पेस स्टेशन की तस्वीर

भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अपने पहले स्पेस वॉक के साथ इतिहास रच दिया। साथी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ लगभग 6 घंटे 27 मिनट तक चले इस मिशन में उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर सोलर एरे से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी काम पूरे किए।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 7 August 2026, 12:11 PM IST
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New Delhi: भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अपने पहले स्पेस वॉक के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। ​​साथी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ काम करते हुए उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बाहरी हिस्से पर ज़रूरी तकनीकी काम पूरे किए। यह मिशन भविष्य में नए रोल-आउट सोलर एरे (iROSA) लगाने का रास्ता साफ़ करता है, जो स्टेशन को ज्यादा बिजली देंगे और इसकी काम करने की क्षमता को बढ़ाएंगे।

साढ़े छह घंटे तक चला एक चुनौतीपूर्ण मिशन

दोनों अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा किया गया स्पेस वॉक लगभग 6 घंटे 27 मिनट तक चला। यह ISS के इतिहास में 281वां स्पेस वॉक था। जहां यह जेसिका मीर के करियर का छठा स्पेस वॉक था, वहीं अनिल मेनन के लिए यह उनके जीवन का पहला स्पेस वॉक था। मिशन के दौरान, दोनों ने स्टेशन के बाहरी ढांचे में कई महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किए।

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मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस स्पेस वॉक का मुख्य लक्ष्य स्टेशन के 3B पावर चैनल पर एक मॉडिफिकेशन किट लगाना था। यह सेटअप भविष्य में दो नए iROSA सोलर एरे लगाने में मदद करेगा। ये एरे ISS को अतिरिक्त ऊर्जा देंगे, जिससे इसके वैज्ञानिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम ज्यादा कुशलता से काम कर सकेंगे। इसके अलावा, यह अपग्रेड स्पेस स्टेशन के भविष्य के सुरक्षित डी-ऑर्बिट मिशन के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

स्टेशन पर लगाया मल्टी-लेयर इंसुलेशन

काम करते समय स्थिरता बनाए रखने के लिए अनिल मेनन को एक खास फुट रेस्ट्रेन्ट से सुरक्षित रूप से जोड़ा गया था। इसके बाद दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने नए सोलर एरे से बिजली पहुंचाने के लिए केबल बिछाए और अंतरिक्ष की अत्यधिक गर्मी और ठंड से बचाने के लिए स्टेशन के ढांचे पर मल्टी-लेयर इंसुलेशन लगाया।

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स्पेस वॉक के दौरान चंद्रमा के बारे में एक दिलचस्प बातचीत

काम करते समय अंतरिक्ष यात्रियों ने कुछ हल्की-फुल्की बातचीत भी की। जेसिका मीर ने अनिल मेनन से चंद्रमा को देखने के लिए कहा। मेनन मुस्कुराए और जवाब दिया कि वे चंद्रमा को देख सकते हैं और मजाक में कहा कि वे वहां भविष्य का "मून बेस" भी देख सकते हैं। इस बातचीत ने मिशन में थोड़ा मजाकिया माहौल जोड़ दिया।

दो और बड़े स्पेस वॉक होने हैं बाकी

यह 'एक्सपीडिशन 75' के तहत इस महीने होने वाले तीन स्पेस वॉक की सीरीज में पहला था। अगले स्पेस वॉक के दौरान, अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना को बदलेंगे, जबकि तीसरे मिशन में पावर चैनल केबल, डेटा रिले सिस्टम और नेविगेशन इक्विपमेंट को अपग्रेड किया जाएगा। NASA इन सभी कामों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के सुरक्षित संचालन और इसके भविष्य की तैयारियों के लिए बहुत जरूरी मानता है।

Location :  New Delhi

Published :  7 August 2026, 12:10 PM IST

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