दिल्ली में प्रदूषण से जंग: इटली और लंदन की आधुनिक मशीनों से होगी सड़कों की सफाई, एमसीडी ने तेज की तैयारियां

दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए एमसीडी ने कमर कस ली है। इटली और लंदन से मंगाई गई 70 आधुनिक इलेक्ट्रिक व सीएनजी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का फील्ड ट्रायल शुरू हो गया है। नवंबर के मध्य से इन मशीनों के जरिए राजधानी की सड़कों पर धूल की सफाई रोजाना की जाएगी।

Updated : 2 October 2026, 9:37 AM IST
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New Delhi: सर्दियों के मौसम में राजधानी दिल्ली को जहरीली हवा और प्रदूषण के कहर से बचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में नगर निगम (एमसीडी) ने सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब दिल्ली की सड़कों की सफाई यूरोप के दो प्रमुख देशों यानी इटली और लंदन की तर्ज पर अत्याधुनिक मशीनों के जरिए की जाएगी, जिससे प्रदूषण पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलेगी।

यूरोप से मंगाई गई अत्याधुनिक मशीनें, शुरू हुआ ट्रायल

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए यूरोप से विशेष तौर पर आधुनिक मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (एमआरएस) मशीनें मंगाई गई हैं। कुल 70 नई मशीनों का यह बेड़ा दिल्ली पहुंच चुका है, जिनमें 55 इलेक्ट्रिक और 15 सीएनजी से चलने वाली मशीनें शामिल हैं। इन अत्याधुनिक मशीनों का इस समय कड़ाके के फील्ड ट्रायल का दौर चल रहा है।

यह पूरा ट्रायल लगभग 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें मशीनों की हर बारीकी को परखा जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से मशीनों की सफाई क्षमता, वैक्यूम सिस्टम, ब्रश की कार्यप्रणाली और आधुनिक सेंसर की सटीकता की जांच अलग-अलग और कठिन परिस्थितियों में की जा रही है।

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आईकैट की देखरेख में मानेसर और दिल्ली में हो रही जांच

इन मशीनों के परीक्षण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित एजेंसी 'आईकैट' (अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी केंद्र) को सौंपी गई है। एजेंसी के मानकों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ही इन मशीनों की क्षमता तय हो रही है।

चूंकि आईकैट का केंद्र मानेसर में स्थित है, इसलिए मशीनों को दिल्ली लाने के बाद मानेसर में भी इनका कड़ा परीक्षण किया गया। वहां विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग मात्रा में मौजूद धूल के बीच इन मशीनों को चलाकर इनकी कार्यक्षमता को परखा गया। एजेंसी की रिपोर्ट और तय मानकों पर खरा उतरने के बाद ही एमसीडी इन मशीनों को सड़कों पर उतारने की आधिकारिक मंजूरी देगी।

नवंबर के मध्य से सड़कों पर उतरेंगी मशीनें, अब रोजाना होगी सफाई

अधिकारियों के मुताबिक, सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं और परीक्षणों को पूरा करने के बाद नवंबर के मध्य से यह आधुनिक मशीनें राजधानी की सड़कों पर पूरी क्षमता के साथ दौड़ने लगेंगी।

फिलहाल पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाली 60 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर एक दिन छोड़कर एक दिन सफाई होती है। लेकिन इन नई मशीनों के आने से एमसीडी के पास कुल 140 मशीनों का एक मजबूत बेड़ा तैयार हो जाएगा। इसके बाद इन बड़ी सड़कों की सफाई अब हफ्ते में चुनिंदा दिनों की बजाय रोजाना नियमित रूप से की जा सकेगी।

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एमसीडी आयुक्त ने किया निरीक्षण, तैयारियों की समीक्षा

इस पूरी परियोजना की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में बृहस्पतिवार को एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने इन मशीनों के चल रहे फील्ड ट्रायल का खुद मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर मशीनों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सर्दियों से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। प्रशासन का मानना है कि इन आधुनिक मशीनों के सड़कों पर उतरने से धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने में एक बड़ी सफलता मिलेगी।

Location :  New Delhi

Published :  2 October 2026, 9:37 AM IST

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