हिंदी
अमेरिका के मिनियापोलिस में ICE एजेंट की गोली से 37 वर्षीय महिला की मौत के बाद भारी बवाल मच गया है। महिला अमेरिकी नागरिक थी और इमिग्रेशन कार्रवाई का टारगेट नहीं थी। ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
ICE एजेंट की गोली से महिला की मौत (Img: Google)
Washington: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति के बीच एक चौंकाने वाली और हिंसक घटना सामने आई है। मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में बुधवार को एक अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंट (ICE) ने कार में बैठी 37 वर्षीय महिला को गोली मार दी। गोली लगते ही महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में कार का एयरबैग खून से सना हुआ दिखाई दे रहा है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
स्थानीय और संघीय अधिकारियों के अनुसार, ICE एजेंट एक इमिग्रेशन ऑपरेशन के तहत महिला की कार के पास पहुंचे थे। इसी दौरान महिला ने कथित तौर पर अपनी कार आगे बढ़ाने की कोशिश की, जिसके बाद एजेंट ने गोली चला दी। मृत महिला की पहचान रैनी गुड (37) के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि रैनी किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या इमिग्रेशन एक्टिविज्म से जुड़ी नहीं थीं।
मिनेसोटा से डेमोक्रेट सीनेटर टीना स्मिथ ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रैनी गुड एक अमेरिकी नागरिक थीं और किसी भी इमिग्रेशन कार्रवाई का लक्ष्य नहीं थीं। इसके बावजूद ICE एजेंट द्वारा गोली चलाया जाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद मिनियापोलिस में गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और ICE के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि भारी हथियारों से लैस फेडरल एजेंटों को गैस मास्क पहनकर तैनात होना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केमिकल इरिटेंट्स का भी इस्तेमाल किया गया।
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने इस फायरिंग के लिए सीधे तौर पर ट्रंप प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “हम हफ्तों से चेतावनी दे रहे थे कि डर फैलाने वाली ये कार्रवाइयां किसी की जान ले लेंगी। आज वही हुआ।”
मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने ICE के आत्मरक्षा वाले दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो प्रशासन के बयान से मेल नहीं खाता। फ्रे ने ICE से शहर छोड़ने की अपील की और लोगों से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया।
इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने इसे “सीधी हत्या” बताते हुए कहा कि ICE देशभर में प्रवासियों और आम नागरिकों के बीच डर का माहौल बना रहा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा डेमोक्रेट शासित शहरों में भारी संख्या में फेडरल एजेंटों की तैनाती ने हालात और संवेदनशील बना दिए हैं।
No related posts found.