हिंदी
भारतीय पत्रकार ने उठाई आवाज
Maharajganj: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार विरोधी जेन-जी आंदोलन की कवरेज करने पहुंचे भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर पत्रकार संगठनों में रोष फैल गया है और सीमा पार पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
महराजगंज प्रेस क्लब ने उठाया मुद्दा
रविवार को महराजगंज प्रेस क्लब के जिला अध्यक्ष अमित त्रिपाठी के नेतृत्व में दर्जनों भारतीय पत्रकारों ने भारत-नेपाल सोनौली बॉर्डर पर नेपाल सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान नेपाल के लुंबिनी प्रेस क्लब, रूपंदेही के अध्यक्ष कमल राय माझी को नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
हरिद्वार में गौकशी गैंग का पर्दाफाश, 500 किलो गौमांस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार
सुशीला कार्की से की कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि नेपाल में भारतीय पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं। पत्रकारों ने कहा कि यह न सिर्फ पत्रकारिता पर हमला है, बल्कि दो देशों के रिश्तों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा प्रहार है।
ज्ञापन देने के बाद नेपाल के इमीग्रेशन कार्यालय में हुई बैठक
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार ज्ञापन सौंपे जाने के बाद नेपाल के इमीग्रेशन कार्यालय में एक संयुक्त बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें भारत और नेपाल दोनों देशों के पत्रकारों ने भाग लिया। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में जब भी ऐसी कवरेज हो, तो पत्रकारों के बीच आपसी संवाद और समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे किसी तरह की गलतफहमी या टकराव न हो।
बिहार में जितिया पर्व के दिन बड़ा हादसा, स्नान के दौरान डूबने से तीन बच्चियों की मौत
अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने क्या कहा?
बैठक में महराजगंज प्रेस क्लब अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ होता है और जब कोई पत्रकार किसी देश में रिपोर्टिंग करता है, तो वह लोकतंत्र को सशक्त करने का कार्य करता है। नेपाल में हमारे पत्रकार साथियों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ, वह निंदनीय है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नेपाल के नामी कमल राय माझी ने भी उठाया मुद्दा
वहीं, रूपंदेही प्रेस क्लब नेपाल के अध्यक्ष कमल राय माझी ने कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते ऐतिहासिक और भावनात्मक हैं। पत्रकारों के साथ ऐसी घटनाएं दोनों देशों के संबंधों को कमजोर करती हैं। हम नेपाली पत्रकार इस पूरे प्रकरण में भारतीय पत्रकारों के साथ हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
Location : Maharajganj
Published : 15 September 2025, 4:11 AM IST
Topics : Maharajganj Media Club Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) Nepal Protest Rupandehi Press Club Nepal