सील लगे अस्पताल में रातों-रात हुआ ऐसा खेल, नवजात की मौत पर फूटा गदर! डॉक्टर को बनाया बंधक; सुलतानपुर में मचा भारी बवाल

करीब एक साल पहले सील किए गए बताए जा रहे नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद हंगामा मच गया। डॉक्टर से मारपीट के आरोप के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 2 October 2026, 8:50 PM IST
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Sultanpur News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के चांदा कस्बे में शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया, जब करीब एक साल पहले सील किए गए बताए जा रहे न्यू आयुषी पॉली क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान ऑपरेशन के लिए पहुंचे डॉक्टर के साथ मारपीट और उन्हें बंधक बनाने की कोशिश का आरोप सामने आया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टर को भीड़ से बाहर निकाला।

प्रसव के दौरान नवजात ने तोड़ा दम

प्रतापगढ़ के सोवनसा निवासी बृजेश निषाद की पत्नी अंजली निषाद इन दिनों अपने मायके चांदा में रह रही थीं। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब सात बजे उन्हें प्रसव के लिए न्यू आयुषी पॉली क्लीनिक लाया गया था। यह उनका दूसरा बच्चा था।

प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और कुछ ही देर में स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए।

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डॉक्टर को घेरने और मारपीट का आरोप

नवजात की मौत के बाद मौके पर पहुंचे डॉक्टर को लेकर भीड़ ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि लोगों ने डॉक्टर को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। उन्हें बंधक बनाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी। हालात को देखते हुए चांदा, लंभुआ और देहात कोतवाली से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

पुलिस ने डॉक्टर को भीड़ से बाहर निकाला

पुलिस ने किसी तरह डॉक्टर को भीड़ से बाहर निकाला और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर कमैचा पहुंचाया। वहां उनकी तबीयत खराब होने पर उपचार कराया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया।

एक साल पहले सील होने का दावा

घटना के बाद नर्सिंग होम के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक साल पहले न्यू आयुषी पॉली क्लीनिक को सील किया था। इसके बावजूद यहां प्रसव कराए जाने की बात सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, नर्सिंग होम किस स्थिति में संचालित हो रहा था और वहां प्रसव कराने की अनुमति थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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मौत और लापरवाही की जांच होगी

नवजात की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चिकित्सकीय रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही मौत के कारण और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आरोपी डॉक्टर और संचालिका पुलिस के कब्जे में

सीओ लंभुआ ऋतिक कुमार के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालिका पुलिस के कब्जे में हैं। नर्सिंग होम को सील करने की प्रक्रिया चल रही है। मरीज को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस बल तैनात किया गया है।

Location :  Sultanpur

Published :  2 October 2026, 8:50 PM IST

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