“जिस भाई को बचाना था, उसी की जान ले ली!” खेत के विवाद में बड़े भाई पर चढ़ाया ट्रैक्टर, आरोपी को उम्रकैद

मुजफ्फरनगर में करीब तीन साल पुराने भाई की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। खेत में ट्रैक्टर निकालने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि छोटे भाई पर बड़े भाई की हत्या का आरोप लगा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 18 August 2026, 6:22 PM IST
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Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में करीब तीन साल पुराने हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने बड़े भाई तेजवीर की हत्या के दोषी छोटे भाई सुखपाल को उम्रकैद की सजा दी है। इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

मामला शाहपुर थाना क्षेत्र का है और घटना 22 अप्रैल 2023 की बताई गई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, खेत में ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।

विवाद बढ़ा तो ट्रैक्टर से कुचलने का आरोप

सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार के मुताबिक, तेजवीर और सुखपाल के बीच खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि झगड़े के दौरान सुखपाल ने अपने बड़े भाई तेजवीर पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। घटना में तेजवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के बेटे सोनू सैनी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी सुखपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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तीन साल बाद आया अदालत का फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में सात गवाह पेश किए। सरकारी अधिवक्ता के अनुसार, मृतक के बेटे सोनू सैनी और उसकी पत्नी शिमला समेत गवाहों की गवाही से अभियोजन पक्ष ने घटना को साबित करने का प्रयास किया। दोनों पक्षों की दलीलें और मामले से जुड़े साक्ष्य सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने सुखपाल को हत्या का दोषी माना। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया। फैसले के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

सरकारी अधिवक्ता के मुताबिक, न्यायालय ने भाई के रिश्ते का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह राम ने अपने भाई के लिए राजपाट तक छोड़ दिया था, उसी भाई जैसे रिश्ते में आरोपी ने अपने बड़े भाई की निर्मम हत्या कर दी।

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न्यायाधीश के फैसलों की भी चर्चा

फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर के पिछले फैसलों का भी सरकारी अधिवक्ता ने उल्लेख किया। उनके मुताबिक, न्यायाधीश ने करीब आठ महीने की अवधि में 10 मामलों में 22 अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में उन्होंने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई। फिलहाल अदालत के फैसले के बाद करीब तीन साल पुराने इस मामले का ट्रायल स्तर पर निपटारा हो गया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है और पीड़ित परिवार को अदालत के फैसले से न्याय मिलने की उम्मीद है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  18 August 2026, 6:22 PM IST

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