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आईटी कंपनी बताकर खोलते थे कॉल सेंटर (Img- Internet)
Ludhiana: पंजाब के लुधियाना में फिरोजपुर रोड पर चल रहे दो बड़े अवैध साइबर ठगी सेंटरों पर पुलिस की छापेमारी के बाद हर दिन चौंकाने वाले राजफाश हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए गए 132 आरोपितों से की गई गहन पूछताछ में एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पता चला है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विदेशों से होने वाली करोड़ों रुपये की अवैध ट्रांजेक्शन के लिए जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था, वे असल में 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) थे। साइबर सेल और पुलिस की टीमों ने अब तक करीब 450 ऐसे संदिग्ध बैंक खातों को खंगाला है, जिनमें हवाला और ठगी की करोड़ों रुपये की राशि घुमाई गई है।
इस हाईटेक ठगी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए लुधियाना पुलिस ने दिल्ली और गुजरात में विशेष टीमों को भेजा था। इन टीमों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जिसके तहत इस पूरे नेटवर्क को बैकएंड से ऑपरेट करने वाले 4 मुख्य सरगनाओं (किंगपिन) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस इन चारों को लुधियाना लाकर रिमांड पर लेगी ताकि ठगी के वैश्विक नेटवर्क का पूरी तरह खात्मा किया जा सके। इससे पहले 13 मई को हुई रेड में पुलिस ने 1.07 करोड़ रुपये कैश, 229 मोबाइल, 98 लैपटॉप और 19 गाड़ियां बरामद की थीं। ये शातिर ठग मुख्य रूप से नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को स्पैम और हैकिंग का डर दिखाकर उनके जीवनभर की कमाई उड़ा लेते थे।
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जांच में यह बेहद हैरान करने वाला तथ्य सामने आया है कि अपराधी ठगी की रकम को सीधे अपने खातों में नहीं मंगाते थे। इसके बजाय, वे पंजाब, दिल्ली, गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश के गरीब व आम लोगों के आईडी प्रूफ का इस्तेमाल करके बैंक खाते खुलवाते थे।
इन खाताधारकों को इसके बदले में हर महीने 5 से 10 हजार रुपये का 'किराया' दिया जाता था। इन 'म्यूल अकाउंट्स' का इस्तेमाल पुलिस और बैंकों की ट्रैकिंग से बचने के लिए पैसे को तेजी से इधर-उधर ट्रांसफर करने और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी, सट्टेबाजी या हवाला के जरिए ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था।
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गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी जिस भी वीआईपी इलाके या बिल्डिंग में ऑफिस स्पेस किराये पर लेते थे, वहां मकान मालिक को झांसा देते थे कि वे एक वैध आईटी (IT) कंपनी खोल रहे हैं। वे मकान मालिक की मांग से भी ज्यादा किराया देने को तुरंत तैयार हो जाते थे।
चूंकि उनकी डीलिंग विदेशी नागरिकों से होती थी, इसलिए वे रात की शिफ्ट में ज्यादा काम करते थे और ऑफिस को 24 घंटे चालू रखते थे। यहाँ दो से तीन शिफ्टों में लड़के-लड़कियों से अमेरिकी नागरिकों को फर्जी कॉल और यूपीआई फ्रॉड करने के लिए बिठाया जाता था। फिलहाल पुलिस इन सभी 450 खाताधारकों की भी पड़ताल कर रही है।
Location : Ludhiana
Published : 18 May 2026, 10:55 AM IST