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प्रतिकात्मक फोटो (IMG: Pinterest)
New Delhi: सड़क हादसे में महज 27 साल की उम्र में जान गंवाने वाले युवक के परिवार को दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण यानी MACT से बड़ी राहत मिली है। अधिकरण ने मृतक के परिजनों को 66.89 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। दिसंबर 2023 में गुरुग्राम में एक ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार युवक को पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे के दो दिन बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
MACT के पीठासीन अधिकारी विक्रम ने रमाकांत शर्मा के परिवार की ओर से दाखिल मुआवजा याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अधिकरण ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मुआवजे की रकम पर दावा दायर करने की तारीख से 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।
अधिकरण के आदेश के मुताबिक, यह हादसा 6 दिसंबर 2023 की रात हुआ था। रमाकांत शर्मा गुरुग्राम के सेक्टर-18 से मोटरसाइकिल पर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि शर्मा को इलाज के लिए गुरुग्राम और दिल्ली के अस्पतालों में ले जाया गया। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 8 दिसंबर 2023 को उनकी मौत हो गई।
MACT ने मामले की सुनवाई के दौरान हादसे के लिए ट्रक चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना। अधिकरण ने अपने 3 सितंबर के आदेश में कहा कि रिकॉर्ड से यह साबित हुआ है कि दुर्घटना ट्रक चालक द्वारा वाहन को तेज गति और लापरवाही से चलाने के कारण हुई। यानी अधिकरण ने उपलब्ध रिकॉर्ड और मामले की परिस्थितियों के आधार पर यह माना कि हादसा ट्रक चालक की ड्राइविंग के कारण हुआ था।
मुआवजे की रकम तय करते समय अधिकरण ने मृतक की 29,800 रुपये मासिक आय को आधार बनाया। इसके आधार पर आश्रितों को हुई आर्थिक क्षति की राशि 63.83 लाख रुपये तय की गई। इसके अलावा अंतिम संस्कार और संपत्ति से संबंधित खर्चों के लिए अतिरिक्त राशि जोड़ी गई। इन सभी मदों को मिलाकर परिवार को मिलने वाला कुल मुआवजा 66.89 लाख रुपये तय किया गया।
मामले में एक और अहम बात सामने आई। अधिकरण ने कहा कि हादसे के समय ट्रक वैध परमिट के बिना चलाया जा रहा था। इसके बावजूद बीमा कंपनी को पीड़ित परिवार को मुआवजे की रकम देने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, बीमा कंपनी को बाद में यह रकम वाहन के मालिक और चालक से वसूल करने का अधिकार भी दिया गया है।
MACT ने मुआवजे की पूरी राशि को मृतक के पांच दावेदारों के बीच बांटने का निर्देश दिया है। इनमें उनकी पत्नी, दो बेटियां, मां और पिता शामिल हैं। अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया कि मुआवजे की कुछ रकम दावेदारों को तत्काल जारी की जाए, जबकि बाकी राशि को सावधि जमा यानी Fixed Deposit में रखा जाए। इसका उद्देश्य मुआवजे की रकम को सुरक्षित रखना और जरूरत के मुताबिक परिवार को आर्थिक सहारा देना है।
Location : New Delhi
Published : 11 September 2026, 2:29 PM IST